Headlines

यहां बोले शिवसैनिक – गणेशोत्सव से पहले भरवाइये सड़कों का खड्डा, नहीं तो……

गणेशोत्सव करीब हैं और सड़क की दशा बेहद खराब है. आये दिन लोग सड़कों के खड्डों से कारण दुर्घटना ग्रस्त रहे हैं। अगर गणेशोत्सव में ऐसी कोई घटना घटित होती है तो इसके लिए मनपा प्रशासन जबाबदार रहेगी. शिवसेना शहरप्रमुख राजेंद्र चौधरी सहित शिवसेना शिष्टमंडल ने मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख से मुलाकात करके शहर के खड्डों का निवारण करने की मांग की, नहीं तो आंदोलन की बात कही।                                              उल्हासनगर शहर की सभी मुख्य सड़के खड्डों के कारण दयनीय दुर्दशापूर्ण हो गई है. इसका खामियाजा अनेक नागरिको को अपना प्राण गवांकर भी भरना पड़ा है। फिर भी मनपा प्रशासन अपनी आँखें बन्द किये हुये है। सामने गणपति उत्सव है पर सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। यही नही प्रशासन ने अभी तक गणेश विसर्जन के घाटों को लेकर भी कोई न तो रणनीति बनाई, न ही तैयारी की है। इसके साथ ही मनपा प्रशासन ने कई गणेश मंडलों को यातायात समस्या का हवाला देकर कई गणपति पंडाल हेतु परमिशन नही दिया है, वही दूसरी तरफ शहर में यातयात समस्या उत्पन कर रहे बेकायदे अवैध बांधकाम, पार्किंग , अनेक वर्षां से सड़क पर कब्जा जमाई भंगार गाड़िया पर प्रशासन कार्यवाही नही कर रही है. जिसे गंभीरता से लेते हुए शिवसेना शहर प्रमुख राजेंद्र चौधरी और धनंजय बोडारे, अरुण आशान , दिलीप गायकवाड, शेखर यादव , रमेश चव्हाण , सुनील सुर्वे, सुरेश जाधव  कुलदीप सिंग , उपशहरप्रमुख राजेंद्र साहू , शहर अधिकारी बाळा श्रीखंडे , ज्ञानेश्वर मरसाळे, पप्पू जाधव ने मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख से मुलाकत कर सड़को पर खड्डों व अन्य समस्यों को लेकर निवेदन दिया है।

सड़को पर नजर आये आयुक्त… मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख , उपायुक्त संतोष देहरकर, पूर्व विधायक कुमार आयलानी ने आखिरकार सड़को का दौरा किया। जिसके बाद जल्द से जल्द खड्डा भरने का मुहिम तेज हो सकती है। ऐसे में सिर्फ चंद दिनों में आखिर कितनी सफलता हाथ लगेगी इस पर जनमानस की नजरें टिकी है क्योंकि जगजाहिर है कि यदि गणेशोत्सव में रास्तों के खड्डों से गणेश भक्तों असुविधाओं को झेलना पड़ा तो जनाक्रोश का ठीकरा उल्हासनगर मनपा शासन पर ही फूटेगा।

✒️..न्यूज ब्यूरो – सुरेश चौहान

Leave a Reply

Discover more from सशक्त समाज न्यूज़

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading