धार्मिक कार्य बिना पत्नी के पूर्ण नहीं होता.! मनभावन ‘श्रीराम कथा’…डोंबिवली
कोई भी धार्मिक कार्य बिना पत्नी के पूर्ण नही होता है. यदि पत्नी है तो धार्मिक अनुष्ठान में उसे साथ जरूर रखना चाहिए. यदि धार्मिक आयोजन में सम्मिलित हो रहे हैं, तो अवश्य साथ में उपस्थिति दर्ज करवाएं. यदि दोनों उपस्थित हैं, तो डबल पुण्य लाभ मिलता है अन्यथा पति के पुण्य कार्यों में से…


