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राजनीति दर्पण – सिंहासन पीछे छूटा, जनतंत्र कांग्रेसियों से रूठा.!

कुछ वर्षों पूर्व में महाराष्ट्र की सत्ता कांग्रेस के हाथों में थी और तत्कालीन गुरूदास कामत व कोषाध्यक्ष अमरजीत मन्हास की जोड़ी ने तो एक दशक पूर्व मुंबई की सभी लोकसभा सीटों से भाजपा-शिवसेना का सुपड़ा साफ कर दिया था। फिर भी ऐ सिंहासन कहां स्थिर रहता है।परिणाम समक्ष है कि कांग्रेस की कमर इस…

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युति की संहिता को लेकर संशय.!

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर निजी चैनलों पर पेश की गई सर्वेक्षण रिपोर्ट्स से भाजपा उत्साह में है। यही कारण है कि चुनाव की घोषणा के साथ-साथ आचार संहिता लागू होने के बाद भी भाजपा-शिवसेना (जो कभी शिवसेना-भाजपा होती थी) युति की संहिता को लेकर संशय बरक़रार है।अखबारों और चैनलों पर ‘विश्वस्त’ सूत्रों से प्रसारित-प्रचारित…

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चौहान समाज अपनी जाति को पहचानने व कहने में शर्म करता है…

मेरे ऊपर एक रुपये की भी बेमानी कोई साबित कर दे तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा..             मुम्बई – उत्तर प्रदेश सरकार में वन व पर्यावरण मंत्री और भाजपा ओबीसी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान का मंत्री बनने के बाद 22 सितम्बर को अलिका हाल, लोखंडवाला काम्प्लेक्स…

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सांस्कृतिक मंच ‘आल्हा’ – अहमदाबाद में उत्तर भारतीयों का जमावड़ा, दिग्गज नेताओं की शिरकत..

अहमदाबाद में ‘उत्तर भारतीय विकास मंच’ द्वारा २२ सितम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रम (आल्हा) का सफल मंचन संपन्न हुआ। इस दौरान मंच द्वारा आमंत्रित अतिथियों में जगदंबिका पालजी (सांसद डुमरियागंज एवं नगर पंचायत संसदीय समिति के चेयरमैन व पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार ), अमरजीत मिश्रा (महाराष्ट्र में अति लोकप्रिय नेता व महाराष्ट्र में बसने वाले…

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‘चकोर पंक्षी’ की तरह थे लापता, अब लौटे हैं तो ‘कांव-कांव’.!

महाराष्ट्र में चुनाव की घोषणा से पूर्व ही सियासी कसरत जारी थी लेकिन अब आगामी कुछ दिनों में तस्वीर स्पष्ट होने लगेगी। महाराष्ट्र में जब विधान सभा ‘चुनाव का भोंपू’ करीब आया तो अपने आरामदेह घरों से बाहर नेताजी लोगन को निकलना ही पड़ा। सड़कों पर दौड़कर मतदाताओं के बीच अपना पसीना बहाना मजबूरी ही…

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