‘गिरगिट’ छिपे ‘वोटों की आड़’, निकलेगें मेरे यार, आरक्षण की तकरार, अबकी फिर परधानी में….
गांव क पंचाईत यांनी परधानी…जवने पर बड़े-बड़े की नजर टिकी रहअ थ. आखिर नजर टिके भी काहे न…गांव के विकास के लिए करोड़ों रूपए और पद-प्रतिष्ठा का यह अव्वल शोरूम है. अब इस शोरूम की चाभी कवन नहीं लेना चाहेगा..? शोरूम के अंदर ही तो करोड़ोंरूपी विकास की तिजोरी होती है. खैर..हमरे उत्तर प्रदेश में…


