‘गिरगिट’ छिपे ‘वोटों की आड़’, निकलेगें मेरे यार, आरक्षण की तकरार, अबकी फिर परधानी में….

गांव क पंचाईत यांनी परधानी…जवने पर बड़े-बड़े की नजर टिकी रहअ थ. आखिर नजर टिके भी काहे न…गांव के विकास के लिए करोड़ों रूपए और पद-प्रतिष्ठा का यह अव्वल शोरूम है. अब इस शोरूम की चाभी कवन नहीं लेना चाहेगा..? शोरूम के अंदर ही तो करोड़ोंरूपी विकास की तिजोरी होती है. खैर..हमरे उत्तर प्रदेश में…

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अब चिल्लहट मचाये का फायदा…बंद रहल अंग्रेजी बोतल क दुकान, स्टाक हो गइल खाली.!!

यूपी में भईआ रसूखदारी चटकी रहइअ चाहेअ बसी, जुगाड़-पानी त अपनऊ फिट्ट होइअ जा थ….कोरोना महामारी में सेनिटाइजरिंग क जरूरत रही त, अल्कोहल सेनिटाइजरिंग पर चिल्लहट काहे मची बा. ईहऊ गजब क समाजसेवा रहा यह कोरोना संकट में. ऐहमें बड़के व्यापारी से लईके जरूरतमंद पुलिस-दारोगा सहित नेता-परेता सबही तरी भ हयेंनि. पाड़े कहेंनि जब ‘हमाम…

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