‘भ्रष्टाचार’ को ‘जूता’ मार, नेताजी ‘पंचनिष्ठा’ सुनिये…
दिल को खटके, जरा हटके… 💘💘💘💘💘 सुनिये हे विधायकजी, करिये ‘कुछ’ ऐसा काम भाजपा की ‘छवि’ को, सदैव ना कीजै बदनाम सदैव ‘ना’ कीजै बदनाम, आलोचक हैं…
दिल को खटके, जरा हटके… 💘💘💘💘💘 सुनिये हे विधायकजी, करिये ‘कुछ’ ऐसा काम भाजपा की ‘छवि’ को, सदैव ना कीजै बदनाम सदैव ‘ना’ कीजै बदनाम, आलोचक हैं…
💓दिल को खटके,  जरा हटके…💘 ‘मोदीजी’ के नाम पर, जनतंत्र ने किया था मतदान विकास कार्य दिखाइये, बदला ‘जनता’ का रूझान बदला ‘जनता’ का रूझान, टिकट ना अब पाओगे सरकारी विकास कार्य, कमीशन-टेंडर यूं खाओगे हे ‘बहुरूपीय’ मौन, चुनाव जीत जो बनें लोभीजी योगीराज ‘चाबूक’ से, लगवाइये…
दिल को खटके, जरा हटके… 💘💘💘💘💘 धंधेबाज नेताजी को अब, करिये ना यूं बदनाम भ्रष्टाचारी हों या कलंकी, सम्मान से लीजै नाम सम्मान से लीजै नाम, स्वार्थ का ठेला सजाइये दरबारी बनिये खुशमय, दलाली जमिके खाइये कहे ‘बहुरूपीय’ मौन, कुर्सी…
दिल को खटके, जरा हटके…❤️💘💘💘💘 विधायकजी जो आपके, बोलते नहिं हैं झूठ परिवारवाद ‘खूद’ बसे, मची ‘जनपद’ में लूट मची ‘जनपद’ में लूट, भ्रष्टाचार क बोलबाला विकास ‘कार्य’ धनराशि, खूब गड़बड़ झाला हे ‘बहुरूपीय’ मौन, ‘पंचनिष्ठक’ निधायकजी भाजपाई हैं बेरोजगार, ठेकेदार विधायकजी एस. टी. ‘बहुरूपीय’ आपका व्यंग्यकार, आपकी आवाज..📢 (९३२४००६२६९) (स्तंभ वर्ष – १२) 💘’जन्मभूमि’…
दिल को खटके, जरा हटके…❤️💘💘💘💘 बेशर्मी की हद देखो, यहां होती सदैव पार विकास कार्यों में झोल, प्रधान-दलाल चार प्रधान-दलाल चार, लाखों का ‘चूना’ लगाये विकास कार्य धनराशि, बोर्ड पोतकर खाये हे ‘बहुरूपीय’ सुनों, ब्राह्मण भी हुये अधर्मी दलाली करते खुलेआमं, शर्मसार है बेशर्मी एस. टी. ‘बहुरूपीय’ (९३२४००६२६९) …