दिल को खटके, जरा हटके…❤️💘💘💘💘
- बेशर्मी की हद देखो, यहां होती सदैव पार
- विकास कार्यों में झोल, प्रधान-दलाल चार
- प्रधान-दलाल चार, लाखों का ‘चूना’ लगाये
- विकास कार्य धनराशि, बोर्ड पोतकर खाये
- हे ‘बहुरूपीय’ सुनों, ब्राह्मण भी हुये अधर्मी
- दलाली करते खुलेआमं, शर्मसार है बेशर्मी
एस. टी. ‘बहुरूपीय’ (९३२४००६२६९) आपका व्यंग्यकार, आपकी आवाज..📢
(स्तंभ वर्ष – १२) 💘’जन्मभूमि’ भदोही जनपद की ‘मिट्टी’ का ‘तिलक: लगाता हूँ, हाँ…’झूट्ठों की नगरी’ में ‘सत्य नारायण’ कथा ‘सुनाता’ हूँ..🔥



परधान अगर निर्दोष हयेन,
तुरतई जाँच कराव त।
अपने खर्चा पर सब सेवक,
अधिकारी बोलवाव त।
काहे हय डेरान अस लागत,
चेहरा पे मुस्कान बोलाव त।
फिरी से जितीब परधान तुहिं हो,
बजरिया से मिठाई मँगवाव त।