ब्यूरो रिपोर्टं -विपुल पांडेय
यूपी में योगी सरकार गड्डे मुक्त सड़को की बात करती है,क्या वाकई इसे प्रशासनिक अधिकारी गंभीरता से लेते है.? बरसात शुरू हो चुकी है और जलजमाव की समस्या से हर कोई परेशान है। शासनिक-प्रशासनिक अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती नजर आ रही है। आखिर इन पीड़ितों का सुनेगा कौन..? यह यक्ष प्रश्न हिलोर मचा रहा है। फिलहाल ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क की टीम ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के नोयडा सेक्टर ६६ की गली नंबर 7 का जायजा लिया, जहां बरसात के पहले से अब की स्थिति में बदहाली है। यह आश्चर्यजनक तस्वीरें बहुत कुछ बयां कर रही है। नगर पालिका की आंखों के सामने यह सब समस्याएं नासुर की तरह स्थानीय लोगों को बीमारीयों के आगोश में ले रही है लेकिन नगर पालिका प्रशासन चैन की बंसी बजाते हुये शायद कुंभकर्णी नींद सो रहा है। शायद इनकी कुंभकर्णी नीद किसी हादसे के इंतजार में है। तस्वीरों पर अगर गौर किया जाय तो यें रास्ते तालाब की तरह लबालब भरे हैं और नालियों का गंदी पानी सड़कों पर बह रहा है, जिसमें कीटाणु पैदा हो रहे है । यहां पर लोग बाहर से नौकरी करने आते है। ऐसे में कोई नगर पालिका के इस भ्रष्ट कारनामे पर उंगली उठाकर अपनी फजीहत नहीं बढ़ाना चाहता है। बरसात के शुरुआत में ही कस्बावासियों को जलजमाव की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने फिर भी जल निकासी के लिए कई बार गुहार लगाई है लेकिन कोई सुनने वाला है। गंदा नाला सहित अन्य नालियों की सफाई पर उनका ध्यान आकृष्ट कराया गया था। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने सफाई नहीं कराई।अब देखना यें होंगा की नगर पालिका इस पर कार्यवाही करती है या नहीं ? फिलहाल बद्तर हालात की ओर यह इलाका बढ़ता जा रहा है।


