नाबालिग उम्र में ही मुंबई से इश्क के परवान तो चढ़ गई लेकिन भदोही में शादी करके भी खुशहाली की नसीबदार नहीं रही. शायद उसकी तकदीर की ‘निशा’ को ‘कलयुगी कथा’ में कैद होना लिखा था. कलयुगी रिश्तों के डोर से ‘चिखती’ यह एक ऐसी भयावह कहानी है, जिसके खुलासे के बाद से ‘मानवता की दहलीज’ पर पहरेदार खाकी वर्दीधारी भी चिंतन में भावूक होकर ग्रामीण परिवेश की रूढ़ीवादिता के साथ जमीन-जायदाद व साजिशन-हैवानियत पर अचंभित हैं..✍️
उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद में रविवार को संबधित पुलिसकर्मियों व अधिकारियों के लिए नींद हराम करती सुबह हुई. एक मर्डर की घटना को लेकर जहां क्षेत्र में सनसनी फैलती जा रही थी, वहीं मीडिया कर्मियों द्वारा घटना की पुष्टि के पुलिस अधिकारियों की घंटी बजनी शुरू हो चुकी थी. ऐसे में सुबह-सुबह ७ बजकर १३ मिनट ही हो रहे थे कि भदोही जनपद पुलिस के सोशल मीडिया सेल ने एलर्ट सुचना व अपडेट जारी करते हुए मीडियाकर्मियों को पुष्टि किया कि…
उल्लेखनीय है कि आज दिनाँक 02.08.20 को थाना भदोही अन्तर्गत ग्राम जमुनीपुर अठगवां मेला का बारी में एक युवती नाम पता अज्ञात उम्र करीब 20 वर्ष की अज्ञात बदमाशों ने गला काटकर हत्या कर दिया है। उक्त घटना की सूचना पर थाना भदोही पुलिस मौके पर पहुँचकर मृतका की मृत्यु के कारण की जाँच कर रही है। व मृतका की पहिचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर शांतिव्यस्था कायम है ।
भदोही जनपद पुलिस की पुष्टि के बाद धीरे-धीरे जनपद ही नहीं बल्कि दूर-दराज शहरों तक यह घटना सनसनी फैलाती रही लेकिन शाम होते-होते भदोही एसपी रामबदन सिंह के मार्गदर्शन में जांचरत जुटे सीओ भूषण वर्मा, क्राइम ब्रांच व डाॅग स्कावड टीम सहित जांच अधिकारियों ने रहस्यमयी तथ्य खंगाल दिए. जिसके बाद स्पष्ट शिनाख्त हुई कि जमुनीपुर अठगवां मेला की बारी में शनिवार की रात हत्या की भेंट चढ़ी युवती सुरियावां थाना क्षेत्र के कोछियां गांव की है, जिसके पिता का नाम अमरेश कुमार दूबे है। उसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही दो कलयुगी चाचाओं ने ही गहरी सजिश के तहत कर दी। भदोही एसपी रामबदन सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए रविवार की शाम बताया कि प्रारंभिक जांच में ही परिजनों का हाथ होने के संकेत मिले थे। फिलहाल युवती के चाचा रंजीत के मोबाइल में बातचीत की रिकार्डिंग से खुलासा हो चुका है, जिस रिकार्डिंग में निशा को मार डालने की बातचीत हो रही है।
साजिशन ऐसे दिया घटना को अंजाम – भदोही एसपी ने आगे बताया कि पट्टीदारों से विवाद चल रहा था, जिन्हें फंसाने के लिए घर की लड़की को मारकर फेंकने की योजना के तहत युवती का चाचा इंद्रेश उसे बाइक पर बैठा तय स्थान पर पहुंचा। जबकि रंजीत चाॅपर लेकर पहले से घटनास्थल पर मौजूद था। दोनो ने हत्या कर शव को वहीं फेंककर लौट आए। पड़ोसियों पर आरोप सही प्रतीत हो इसके लिए उन्होंने पट्टीदारों पर निशा के अपहरण की झूठी तहरीर पहले ही पुलिस को दे रखी थी लेकिन पुलिस ने कहानी में कई संदेह पाकर मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
इन साइड स्टोरी – यह युवती मुंबई में अपने पिता के साथ रहती थी, जहां ज्ञानपुर के अजयपुर का दीपक उपाध्याय आॅटो चलाता था। वहीं से निशा को भदोही भगाकर लाया था और गोपीगंज के बड़े शिवमंदिर में विवाह भी कर लिया था लेकिन मुश्किल से ३-४ महीने में ही निशा का अपने पति से अनबन हो गया क्योंकि उसे मुंबई के खुलेपन की तरह ससुराल में रहने की आजादी नहीं थी। इसके बाद पिता ने बेटी से मुंह मोड़ लिया था और अपनाने को तैयार नहीं था। भतीजी नाबालिग थी इसके लिए दोनों चाचाओं ने दीपक उपाध्याय के खिलाफ सुरियावां में पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद जेल में बंद दीपक से दोनों चाचा सुलह के नाम पर लाखों की वसूली के चक्कर में भी थे, जिसमें उन्हें कोई कामयाबी नहीं मिल सकी थी।
खैर…भदोही जनपद पुलिस ने सुझबूझ जांच करके साजिश व हत्या की मिस्ट्री का पटाक्षेप कर दिया, जिसमें कलयुगी चाचा इंद्रेश दूबे और रंजीत दूबे तथा चाची (इंद्रेश की पत्नी) वंदना को गिरफ्तार करके सलाखों तक पहुंचा दिया। यदि थोड़ी भी लापरवाही होती तो शायद अपहरण या मर्डर के इल्ज़ाम में पट्टीदार साजिश में फंस जाते. सच कहा गया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं लेकिन रखवाले भी ‘मानवता की दहलीज’ फर्जवान रहे तो ऐसी कलयुगी कथाओं का खुलासा होता रहेगा।

