उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में लापरवाही कोई नई या बड़ी बात नहीं है लेकिन जब ‘एसपी साहब’ की ही सुनवाई नहीं हुई तो वे भौचक्के रह गए. ऐसे में मोबाइल दस्ते के तीन सिपाहियों की लापरवाही उजागर होने पर निलंबित कर दिया और तीनों को पुलिस लाइंस से संबद्ध कर दिया है. भले ही स्पष्टीकरण मांगा गया है, फिर भी इस खबर ने पुलिस विभाग के सतर्कता की पोल खोलकर रख दी है।
गौरतलब है कि जौनपुर जिले में भी बकरीद और रक्षाबंधन मद्देनजर पुलिस को विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिसकर्मियों की सतर्कता परखने के लिए शनिवार को एसपी अशोक कुमार ने लाइनबाजार थाने के मोबाइल दस्ते को वायरलेस सेट से काल किया, जहां से कोई जवाब नहीं मिला। एसपी के निर्देश पर कंट्रोल रूम ने भी उन्हें कॉल किया, फिर भी ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों ने कोई जवाब नहीं दिया। इससे तमतमाए एसपी ने आरक्षी धनंजय पाठक, पंकज पुरी और संतोष कुमार सैनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर क्षेत्रीय जनता की समस्याओं पर निचले स्तर पर पुलिसकर्मी कितनी सतर्कता व निष्पक्षता से कार्य करते हैं।
पुलिस लाइन में तैनात उप निरीक्षकों की तकदीर जागी, पहुंचे फील्ड पर….
पुलिस लाइन में तैनात रहकर फील्ड पर डियुटी की मंसा रखने वालों की तकदीर फिलहाल जाग उठी. खबर के मुताबिक एसपी अशोक कुमार ने पुलिस लाइन में तैनात एक महिला उप निरीक्षक समेत ५ उप निरीक्षकों की अलग-अलग थानों में तैनाती की है, जबकि एसओजी में तैनात उप निरीक्षक मनोज कुमार को पवारा थाने में वरिष्ठ उप निरीक्षक के पद पर तैनात किया गया है। जिन उप निरीक्षकों को पुलिस लाइन से थाने में तैनाती मिली है…उनमें नागेश्वर शुक्ला और अरविंद कुमार को थाना नेवढ़िया, महिला उप निरीक्षक किरन मिश्रा को थाना शाहगंज, देवेंद्र पाल को थाना गौराबादशाहपुर और विनीत कुमार पाठक को चौकी प्रभारी कस्बा मछलीशहर बनाया गया है।



