भदोही जिले के सुरियावां ब्लॉक अंतर्गत महजूदा ग्राम पंचायत में एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक मेला लगता है, जोकि “कजरी” के नाम से जाना जाता है. फिलहाल यह मेला ‘डुगडुगी’ बजवाकर स्थानीय पुलिस विभाग ने स्थगित करवा दिया है।
जगजाहिर है कि उत्तर प्रदेश व बिहार सहित विभिन्न राज्यों में डुगडुगी पिटवाना या पुलिस द्वारा मुनादी करवाना एक कारगर प्रथा रही है। यह प्रथा आज भी ग्रामीण इलाकों में सर्वश्रेष्ठ सुचना प्रसारक हेतु पुलिस विभाग ने जीवंत रखा है। खैर…भदोही जनपद के महजूदा गांव के आसपास और यहां से संबंधित लोग शायद ही कभी सोचे होगें कि उनका प्रसिद्ध ‘कजरी मेला’ कभी स्थगित हो जाएगा. फिलहाल कोरोना की भेंट चढ़े इस मेले के स्थगन से क्षेत्रवासियों में मायूसी सी छाँ गई है. फिर भी चूंकि गांव-समाज के स्वास्थ्य संतुलन को बनाए रखने के लिए मजबूरन चौकी इंचार्ज पाली गुरु ज्ञानचंद पटेल व महजूदा ग्राम प्रधान जयप्रकाश यादव के नेतृत्व मे गाँव के हर मुहल्ले में डुगडुगी (मुनादी) पिटवाया गया, जिसमें लोगों को बताया गया कि इस बार कोरोना महामारी के कारण महजूदा भोरी का एतिहासिक मेला नहीं लगेगा अथवा आप लोग अपने रिश्तेदारों को भी दूर-दराज से शामिल होने वाले रिश्तेेदारों को भी सुचित कर दीजिए। इस दौरान मुख्य रूप से चौकी इंचार्ज गुरु ज्ञानचंद पटेल, दिवान सच्चिदानंद, कांस्टेबल कमलेश यादव, धर्मेंद्र, ग्राम प्रधान जयप्रकाश यादव, बनवारीलाल यादव, दिनेश, शारदा पान्डेय, बिमलेश यादव , सुखराज आदि लोग मौजूद रहेे।



