भदोही जनपद के हाईवे थानों में शुमार औराई, गोपीगंज के साथ ऊंज हद में भी एक जमाना था कि पशु तस्करों पर थाना प्रभारी काल बनकर मंडराते थे. औराई व गोपीगंज से हर दूसरे-तीसरे दिन पशु तस्करों सहित ट्रेलर भरकर मवेशियों की बरामदगी की खबर आती थी. अचानक वक्त ने करवट लिया और पशु तस्करों के नेटवर्क में सेंध लगा बैठे तत्कालीन कोतवालों के तबादले हुये, जिसके बाद पिछले एक साल से उक्त कार्रवाई मौन है। फिलहाल सत्ता-शासन की पशु तस्करों पर पिछले दिनों हुई किरकिरी के बाद भदोही पुलिस ने जोरदार वापसी की है, जिसके बाद मोस्ट वांटेड को ही धर दबोचा।
भदोही जनपद पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक पुलिस अधीक्षक (रामबदन सिंह) द्वारा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया था तथा लगभग 01 वर्ष से वांछित चल रहे अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु क्राइम ब्रांच की टीम को निर्देशित किया गया। उक्त आदेश के अनुपालन में क्षेत्राधिकारी औराई के पर्वेक्षण में क्राइम ब्रांच व थाना औराई को फरार अभियुक्त मो. इरफान उर्फ राजा को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पिछले वर्ष 04 मई को औराई पुलिस को सूचना मिली कि कोठरा मोड़ से 100 मीटर पश्चिम पुलिया आरम्भ होने वाले स्थान पर सड़क के दक्षिणी पटरी पर एक ट्रक खड़ी है, जिसमें काफी संख्या में गोवंश लदे हुए है। इस सूचना पर मौके पर पहुंचकर ट्रक का पर्दा हटवाकर देखा गया तो कुल 18 राशि गोवंश (साढ़) जिसमें से 13 मृत व 05 राशि जिन्दा थें। उक्त के सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर दिनांक 5.5.19 को मु.अ.सं. 99/19 धारा-03/5 A/8 गोबध अधि0 व 11 पशु क्रूरता अधि0 अज्ञात के विरूद्ध पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान मो. इरफान उर्फ राजा पुत्र मो. मुस्तफा हुसैन निवासी महरूपपुर ,थाना- कोखराज, जिला- कौशाम्बी का नाम प्रकाश में आया था. जोकि फरार चल रहा था।
फिलहाल मो. इरफान को 27 मई समय 10.30 बजे तहसील गेट से गिरफ्तार किया गया, गिरफ्तारी करने वाली टीम में उ.नि. अजय सिंह प्रभारी स्वाट टीम, का. सचिन झाँ, सर्वेश राय, नरेन्द्र सिंह ,तुफैल अहमद, नीरज यादव सहित हे.का. चालक सुभाष सिंह क्राइम ब्रांच व उ.नि. अमर नाथ सिंह थाना औराई का समावेश रहा। पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा गिरफ्तारी /बरामदगी करने वाली टीम को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गयी है।
सुनील ‘नामी’ कोतवाल – गोपीगंज और औराई रहते हुए कोतवाल सुनील दत्त दूबे और गोपीगंज-ऊंज रहते हुये सुनील वर्मा ने पूर्व में पशु तस्करों की कमर तोड़कर जो रिकार्ड बनाया था, उसके करीब तक शायद भदोही जनपद की पुलिस टीम पहुंच सके। इन दोनों कोतवालों के गैर जनपदीय तबादले के बाद पशु तस्करों ने हाईवे से आवाजाही बंद कर दिया या वर्तमान कोतवालों का नेटवर्क पशु तस्करों के रैकेट में सेंध नहीं लगा पा रहा है या गिरफ्तारी-बरामदगी नहीं होने का कुछ अन्य कारण है..यह तो भदोही पुलिस के हाईवे थाना कोतवाल ही बता सकते हैं लेकिन कोरोना संकट के दौरान भी पहले से वांटेड पशु तस्कर की गिरफ्तारी जोरदार वापसी कही जा सकती है।
प्रयागराज की भूमिका – पशु तस्करी के कारोबार में (मियाँ कापुरा) थाना सराय ममरेज का नवाब सदैव सुर्खियों में रहा है, जिसके बारे विश्वत सुत्र बताते हैं कि अब भी अल्टो गाड़ी से चलता है. भदोही के बोर्डर थाना ऊँज के सटे दो गाँवों की नट/मुस्लिम बस्ती में ₹ 10-15 लाख advance देता है और प्रयागरज का बोर्डर थाना हंडिया पार करते हुये टाटा/महिन्द्रा पिकअप से भी उन्नाव /कानपुर जानवर पहुंचवाता है। ऐसे कई नाम व नेटवर्क पूर्व कोतवालों की डायरी में कैद हैं, जो शायद भदोही पुलिस के काम के नहीं हैं।

http://www.sashaktsamaajnews.com/2020/05/25/issues-on-migrate-labour/


