उत्तर प्रदेश के ‘काशी-प्रयाग मध्य’ बसे भदोही जनपद को धर्म ध्वजवाहकों की नगरी कहा जाता है। ऐसे में जहां एक ओर राज्य के भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘कोरोना संकट’ में सभी की जिंदगी बचा रहे हैं, वहीं मौत के बाद श्मशानघाट से एम्बुलेंस व पुलिस वैन को असलहा लेकर दौड़ाया जाना ‘मृत मानवता’ की कलयुगी गाथा स्वरूप समक्ष है। जगजाहिर है कि 11 वर्षों बाद भी घोटाले की भेंट चढ़ा १०० बेड का अस्पताल भदोही जनपद वासियों की सेवा नसीब में नहीं हुआ है, वहीं मौत में तब्दील होती जिंदगी के बाद फैले जनाक्रोश से अब जनपद के सरकारी अस्पतालों को ४ वेंटिलेटर की घोषणा हुई है। फिलहाल श्मशानघाट से गोजी-डंडा व असलहा से भयभीत उल्टे पैर भागने वाली एम्बुलेंस व पुलिस वैन ने कुछ जिंदगियां बचाई हैं, जिसके बाद शासन-प्रशासन ने कठोर कार्यवाही का रूख किया है….✍️
गौरतलब है कि 27 मई को जनपद भदोही के थाना गोपीगंज अंतर्गत ग्राम रामपुर घाट पर स्थानीय थाने से उप निरीक्षक ईश्वरदेव सिंह, आरक्षी राज कुमार, म. आरक्षी गुँजन, म. अनिता जायसवाल मय जीप सरकारी u p 66g 0159 चालक सुरेश चंद्र भारती के साथ रामपुर घाट पर गंगा नदी के किनारे शांति व्यवस्था ड्यूटी में मौजूद थे, जिसके बाद समय करीबन 17.45 बजे एक एम्बुलेंस से मृतक संतोष कुमार पाण्डेय पुत्र जोखन पाण्डेय ग्राम सराय भावसिंहपुर थाना दुर्गागंज जिला भदोही के शव के अंतिम संस्कार के लिए रामपुर घाट पर लाया गया। इस दौरान मौके पर गांव के लोगों ने काफी संख्या में एकत्रित होकर घाट पर मृतक के शव के अंतिम संस्कार करने का विरोध करने लगे। ऐसी जानकारी देते हुये भदोही जनपद पुलिस ने बताया है कि मौजूद पुलिस बल के लोगों ने गांव के लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, परन्तु उत्तेजित ग्रामीणों ने लाठी, डंडे ,रॉड, असलहों से लैस होकर एम्बुलेंस व पुलिस बल पर हमला कर दिया। लाठी डंडे व ईंट पत्थर चलने के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों के हमले में मौके पर मौजूद पुलिस बल घायल हो गए। शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर आए घटना में कुल 35 लोग नामजद तथा 50 लोग नाम पता अज्ञात के विरुद्ध उ0नि0 ईश्वरदेव सिंह द्वारा थाना गोपीगंज में तहरीर देकर मु0अ0सँ0 128/2020 धारा 147,148,149,188, 269, 332,353,307,336,342, 504,506,ipc व धारा 7 आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम, धारा 51,56 आपदा प्रबंधन अधिनियम, तथा धारा 3 महामारी अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया है। मौके पर पुलिस बल मौजूद हैं तथा शान्ति व्यवस्था कायम है। घटना में शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी का प्रयास दबीश देकर किया जा रहा है। शीघ्र ही अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जाएगी।
पहले भी फैला था जनाक्रोश – यह कोई नई घटना नहीं है क्योंकि कुछ दिनों पूर्व भी ग्रामीणों ने ‘कोरोना संक्रमित’ समझकर दाह-संस्कार के समय जनाक्रोश फैलाया था। फिलहाल हैरतअंगेज बात है कि हिन्दू धर्म की प्रभुताई में काशी-प्रयाग मध्य की धरा पर यह क्या हो रहा है, यह समझ से परे है। जहां स्वास्थ्य सेवा के अभाव में जिंदगानी तड़पती है और मौत के बाद मृतक को श्मशानघाट में भी सुकून से ग्रामीणों द्वारा शरण नहीं लेने दिया जा रहा है।



