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भदोही प्रतिष्ठान – ईंट, सीमेंट या बालू नहीं, ‘ठेकेदारों’ को ‘सता’ रहा ‘१० करोड़’ की ‘जांच’ का ‘भूत’.!

उत्तर प्रदेश के सबसे छोटे जिले के रूप ख्याति प्राप्त भदोही जनपद में राजनीतिक-कुटिनीतिक सियासी पारा गर्म है। भदोही विधायक ईंट-बालू तो ज्ञानपुर विधायक रिश्तेदारी की सार्वजनिक चर्चा करके जनता के लिये ध्यानाकंर्षण बने हुये हैं। खैर..’सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क टीम के अनुभवी पत्रकार विगत् वर्षों से पैनी नजर बनाकर सुपरहिट ‘मातृभूमि मंथन’ व ‘भदोही कंठ’ नामक धारावाहिक लिखकर खुलासे करते रहे हैं, जिस मुद्दे को भटकाने के लिये भदोही विधायक रविन्द्रनाथ त्रिपाठी ने ठेकेदार भतिजे व बेटे बचाव में कूदकर फर्जी आरोप एफआईआर भी करवाया, जिसका सामना करते हुये भी कलमकारों ने सत्ताशीर्ष ‘योगीजी-मोदीजी’ की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम व ZERO TOLERANCE नीति का समर्थन किया और पत्रकारों की लेखनी विमुख नहीं हुई।

प्रतिक्रिया sashaktsamaaj@gmail.com दीजिये और हिंदी में होने पर सशब्द प्रकाशित किया जायेगा.                                                                                                                                                                                                                                                                                        आखिरी क्या है असली मुद्दा..‘भदोही कंठ’ धारावाहिक के ‘स्तंभकार’ विशाल तिवारी बताते हैं कि भदोही जनपद में अब राजनीति के बजाय ‘व्यवसायिक प्रतिष्ठानों’ की जंग चल रही है, जिसके पीछे रहस्य गहराता चला जा रहा है। मुख्यतः त्वरित विकास योजना के १० करोड़ की जांच का भूत ठेकेदारों के सिर चढ़ बोल रहा है। जगजाहिर है कि राज्य के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा मिलेे तोहफे स्वरूप अतिरिक्त प्रस्ताव बजट से भदोही जनपद विकास कार्य नहीं हो पाया। धांधली की जांच का लेटर दो महीनें पूर्व ही मुख्यमंत्री कार्यालय से भदोही शासन के टेबल पर पहुंंच चुका है। इतना ही नहीं उक्त मामले में फर्जी आरोप एफआईआर विधायक भदोही रविन्द्र नाथ त्रिपाठी ने खुद हाईकोर्ट में जनहित याचिकाकर्ता पवन मालवीय सहित कई आलोचकों पर दर्ज करवाकर और उसके बाद याचिका उठवाने हेतु भरसक प्रयास किया। हालाकि साम-दाम-दंड-भेद के बाद भी भरष्टाचार के खिलाफ का जनहित यांंनि जनताा के हित की याचिका नहीं उठ पाई क्योंकि यह अब जनपदीय युवाओं भाजपा समर्थन मुद्दा बन चुका है।                                                                                                                                                         👉जांच’ की ‘आंच’ में ‘बौखलाहट’ – फिलहाल धमाकेदार मैदान में उतरे भदोही विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी मीडिया में मुद्दे को ईंट-बालू की तरफ मोड़ने का प्रयास किया है लेकिन भदोही जनपद के राजनीति मर्मज्ञ बताते हैं कि ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा के अभी कुछ महीनों पूर्व तक खासम-खास रहे भदोही विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी इन दिनों बौखलाहट में पूरी ताकत झोंक दिये हैं क्योंकि भदोही विधान सभा के ५ करोड़ में से करीबन ४ करोड़ के प्रस्तावित कार्य का टेंडरिंग-ठेका उन्हीं की प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष पाारिवारिक कंपनी में है। बताया यहां तक जाता है उक्त कंपनियों में शेयर होल्डर ही नहीं बल्कि भदोही विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी उक्त कंपनियों के लिये ठेकेदारी भी पहले कर चुके हैं। वर्तमान में भी भदोही जनपद के अधिकांशतः सरकारी रोड, इंटरलॉकिंग व अन्य सरकारी विकास कार्य की ठेकेदारी इन्हीं के पारिवारिक कंपनियों में रहता है क्योंकि ईंट-सीमेंट सहित विभिन्न बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई की कंपनीयांं भी पारिवारिक है, जिससे बिल वगैरह भी कागजी कार्यवाही आसानी से पूरी हो जाती हैै। अब देखना यह है कि त्वरित विकास योजना के १० करोड़ की जांच को ठीकाने लगाने के लिये क्या-क्या कवायद होती है। फिलहाल मीडिया में भाषणबाजी का सर्कस  जारी है।  (‘सशक्त समाज’ न्यूज डेस्क)
मार्च २०१९ तक – हम साथ-साथ हैं, रिश्तेदारी ही नहीं बल्कि दोनों विधायक का दो दशक से पारिवारिक रिश्ता..

२० सितंबर यांनि डेढ़ महीने पहले ही जो ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क के ‘भदोही  कंठ’ धारावाहिक में लिखा था वही हो रहा है, पढ़िये सटीक व सशक्त तथ्य..👉 भदोही कंठ (०४) – भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के समर्थन में कूदा विधायक, भ्रष्टाचारियों के निशाने पर.!

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