जैन दर्शन – बिना ‘क्रिया’ कोई ‘प्रतिक्रिया’ नहीं होती…
परमात्मा महावीर के वर्तमान को समझने के लिए उनके अतीत को समझना होगा। क्योंकि आज की प्राप्ति कल का परिणाम है। उनके अतीत की घटनाओं को समझें बिना उनके इस जन्म एवं जीवन को समझना कठिन है। पर्युषण पर्व के चौथे दिन श्री जिनकुशलसुरि दादावाड़ी के प्रांगण में साध्वी डॉ. शासनप्रभा श्रीजी ने यह बात…
