जीएसटी का लाभ और टैक्स रिफंड की रकम १५ हजार ५५८ करोड़, ५ लाख रुपए केंद्र सरकार से राज्य सरकार को मिलना बाकी है। इससे राज्य में हो रहे विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। यह बकाया रकम जल्द मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि २०१९-२० के केंद्रीय बजट में महाराष्ट्र को केंद्र सरकार की ओर से मिलनेवाला टैक्स रिफंड ४६ हजार ६३० करोड़ ६६ लाख था, जोकि २०१८-१९ के ४१ हजार ९५२ करोड़ ६५ लाख, इस रिफंड से ११.१५ फीसदी अधिक था लेकिन अक्टूबर २०१९ तक राज्य को २० हजार २५४ करोड़ ९२ लाख इतनी ही रकम मिली है। लगभग ६ हजार ९४६ करोड़ २९ लाख यानी २५.५३ फीसदी रकम कम मिली है। आर्थिक बजट में तय रकम से कम रकम राज्य को मिली है। दूसरी तिमाही में कुल अर्थव्यवस्था में मंदी को ध्यान में लेते हुए आगामी समय में यह टैक्स रिफंड कम मिलेगा ऐसा लग रहा है, ऐसा मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है।
अर्थव्यवस्था में आई मंदी के कारण १४ फीसदी जीएसटी संकलन के उद्दिष्ट से कम टैक्स संकलन हुआ है। शुरू आर्थिक वर्ष में पहले चार महीने में राज्य को ५ हजार ६३५ करोड़ रुपए जीएसटी लाभ मिला है। लेकिन नवंबर २०१९ में अभी भी ८ हजार ६११ करोड़ ७६ लाख रकम जीएसटी रिफंड के रूप में मिलना बाकी है।
सीएसटी टैक्स प्रणाली २०१७-१८ में निश्चित की गई है। उस समय उसका आधार वित्त आयोग का टैक्स रिफंड सूत्र था। मार्च २०१८ वर्ष के अंत में आए २०१९ की वैâग रिपोर्ट नं. ११ के अनुसार जीएसटी की समायोजित रकम कई व्यवहारों के लिए उपयोग में नहीं आई है इसलिए इस टैक्स की बड़ी रकम केंद्र की ओर से मिलना बाकी है। यह रकम जल्द से जल्द राज्य को मिले ताकि राज्य के विकासकामों को गति दी जा सके, ऐसा मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है।

