कर्मभूमि’ में जागा ‘युवा ब्राह्मण’, ‘जन्मभूमि’ के प्रधान की ऐसे खोलेगा पोल…

??? ?? ??????????? '????? ???? ?????' ?? ????? EMAIL ??????, 9892746387 ?? ?????? ?? ?? ???? ???...

भदोही जनपद में भ्रष्टाचार चरम् पर है और भ्रष्टाचारियों ने जमकर सरकारी धन की बंदरबाट करके ग्राम वासियों को छला है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि विधायक से ग्राम प्रधान की कारास्तानियों का खुलासा धीरे-धीरे जागृत युवा विभिन्न माध्यमों से कर रहें हैं। ऐसे ही ‘कर्मभूमि’ मुंबई में संघर्षरत एक युवा ने ‘जन्मभूमि’ के ग्राम प्रधान के खिलाफ आरटीआई दायर करके बेनाकाब करने की मुहिम शुभारंभित किया है।.

गौरतलब भदोही जनपद में दर्जनों संगठन सक्रिय हैं लेकिन पदाधिकारी सिर्फ किसी ना किसी राजनेता के दरबार में ठूमके लगाते रहते हैं। शायद यही कारण है कि धीरे-धीरे युवा उक्त संगठनों से जुड़कर स्वयं को छला महसूस करते हैं। फिलहाल कुछ संगठनों ने वक्त की नजाकत को समझा और पदाधिकारी युवाओं को ग्राम विकास हेतु आवाज उठाने के लिये जहाँ स्वतंत्र किया, वहीं बैकग्राउंड बैकअप भी देना शुरू कर दिया है। कुछ ऐसी ही तस्वीर ‘राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा’ की भदोही टीम भी स्पष्ट कर रही है। खबर के मुताबिक उक्त संगठन के भदोही उपाध्यक्ष त्रिवेणी शुक्ला (कल्लु) ‘कर्मभूमि’ मुंबई रहकर जीवन व्यापन करने हेतु मजबूर हैं। फिलहाल औराई तहसील के हरिहरपुर (शुकुलपुर) निवासी इस युवा ने ग्राम विकास के लाखों रूपये भ्रष्टाचार के खुलासे हेतु कदम उठाना शुरू कर दिया। आरोप है कि कागज पर ग्राम प्रधान यूं तो गीतादेवी पत्नी श्यामबाबू विश्वकर्मा हैं लेकिन ग्राम सभा का कागजी विकास उनके परिवार के अन्य सदस्य करके जमंकर भ्रष्टाचार व दलाली से ग्राम वासियों को ठगने के साथ सरकारी धनराशि को चुना लगा रहे हैं। फिलहाल आरटीआई दायर हुई है, जिससे कई सनसनीखेज खुलासे होने की संभावना है। ‘राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजनसभा’ भदोही के पदाधिकारियों की टीम जनपद में उपस्थित होने के नाते इसकी समीक्षा और फालोअप सपोर्ट में सक्रिय बतायी जा रही है।

यह भी पढ़िये 👉भदोही कंठ (०६) – प्रधान पति की खद्दरधारी हूकूमत, जांच से पहले ही नंघई;.!

भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों व जनसमस्याओं पर मौन ‘दलालों’ की जानकारी हमें भेजिये, हम निशुल्क पहुंचाते हैं आपकी आवाज लोकतांत्रिक पद्धति से शासन-प्रशासन तक..✍️

Leave a Reply

Discover more from सशक्त समाज न्यूज़

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading