भदोही लोकसभा सीट पर ‘इंडी’ बनाम ‘एनडीए’ प्रत्याशी में जोरदार टक्कर देखनें को मिला. वोटिंग के बाद ‘मिनी काशी’ से जहां जीत का आकड़ा गूंजा, वहीं ‘सांसद का ताज’ भाजपा प्रत्याशी डा. विनोद बिंद के पहनने को लेकर विश्लेषणात्मक भविष्यवाणी की गई।
जगजाहिर है कि भदोही जनपद ही नहीं अपितु पूर्वांचल के श्रेष्ठ ब्राम्हणों का केंद्र अकोढ़ा-रोही को माना जाता है. संस्कृत विद्वानों की यह छोटी सी (सोहगौरा नगरी) ‘मिनी काशी’ के नाम से भी चर्चित है. वाराणसी जिला के समय से ही बड़े-बड़े नेता यहां मत्था टेकनें आते रहे हैं. खैर.. संस्कृत-संस्कृति को लेकर ब्रिटिशकाल के बाद कांग्रेसकाल में भी यहां के विद्वानों ने परचम बुलंद रखा था. राजनीति के परिदृश्य में यहां बदलाव जनसंघ के जमाने में आया. जनसंघ से चला दौर धीरे-धीरे श्रीराम मंदिर के मुद्दे पर भाजपा में तब्दील हो गया. जनसंघ से कट्टर भाजपाई बतौर प्रखर यहां कई ऐसे बुजुर्ग मिल जाएगें, जो पद-कद की लालसा से परे रहकर भाजपा के लिए समर्पित रहते हैं। इन्हीं में शामिल हैं यहां के अशोक तिवारी (छटंकी महराज). इन्हें वह दौर भी याद है, जब यहां से वर्तमान केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा चुनाव का नेतृत्व करते थे. बताते हैं कि उस दौर में चुनावी प्रचार तक ही सीमित रहे लेकिन ज्ञानपुर विधान सभा में लालचंद पांडेय के चुनाव में उनके विश्वस्त नेतृत्वकार बनें. जहां जीत के साथ हार भी मिली. खैर रग-रग में जनसंघी विचार धारा बहती रही और पद-कद व स्वार्थ मुक्त रहकर आज भी भाजपा के साथ ही चल रहे. भाजपा के प्रति कट्टरता इतनी प्रखरता से बुलंद है कि भूजा-चबैना लेकर इनके साथ के गली-गली घूमनें वाले तत्कालीन भाजपा पदाधिकारी रहे रंगनाथ मिश्रा जैसे कई भाजपा नेता अन्य पार्टियों में विधायक-मंत्री व सांसद बनने स्वार्थ में गए लेकिन इन्हें कोई डिगा नहीं पाए।

लोकसभा चुनाव में वोटिंग के बाद अशोक तिवारी (छटंकी महराज) ने विभिन्न क्षेत्रों से पुराने दौर के भाजपाइयों से संपर्क करके सटीक जानकारी ली. ‘सशक्त समाज न्यूज’ से अंततः बताया कि जिस तरह से वोटिंग हुई है, उससे स्पष्ट है कि भाजपा प्रत्याशी डा. विनोद बिंद ही सांसद का ताज पहनेगें लेकिन जीत का आकड़ा सिर्फ ६० हजार से ८० हजार के बीच का होगा. पुराने क्षेत्रीय भाजपाई अशोक तिवारी की विश्लेषणात्मक भविष्यवाणी का इंतजार करते हैं क्योंकि क्योंकि दो दशक से यह हमेशा सटिक साबित हुई है।
पूर्व जिलाध्यक्ष करते हैं मंत्रणा – भदोही भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद पाठक भी कट्टर भाजपाई अशोक तिवारी से आज भी बड़े-बड़े मुद्दों पर मंत्रणा करते हैं. श्री तिवारी बताते हैं कि बिंद वोटबैंक को लेकर महेंद्र बिंद को ज्ञानपुर विधान सभा चुनाव लड़ाते समय भी मंत्रणा हुई थी. भले महेन्द्र बिंद चुनाव हार गए लेकिन भाजपा की तरफ ‘बिंद समाज’ के मतदाताओं रूझान बढ़ा. इसी सफल सोशल इंजीनियरिंग के मद्देनजर ही अब भाजपा लगातार लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी उतार रही है।

लोकसभा चुनाव के दौरान प्रयागराज जिला में पार्टी की तरफ से चुनाव प्रचार की डियुटी में जुटे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद पाठक वोटिंग की पूर्व संध्या पुश्तैनी गांव-निवास पहूंचे. यहां उन्होंने अकोढ़ा के बूथ पर प्रथम वोट डालकर मतदाताओं को प्रोत्साहित किया. पार्टी के निर्देशानुसार अकोढ़ा बूथ की विशेष जिम्मेदारी जहां (पाली मंडल मंत्री) धर्मेंद्र त्रिपाठी व (बूथ अध्यक्ष) विशाल पाठक ने संभाला. वहीं यहां विशेष मार्गदर्शन श्री पाठक का रहा, जिसके कारण सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं को बूथ तक पहूंचाने में विशेष भूमिका निभाई।



