गुंडा-बदमाश छोड़िए….आपका भी “इलाज” कर देगें भदोही एसपी.!! जानिए क्यों रहे हैं चर्चा में…

भदोही एसपी डा. अनिल कुमार की टीम भले ही गुंडा-बदमाश व ‘हिस्ट्रीशीटरों के लिए काल’ बनकर मंडरा रही है और उनका कानूनी इलाज कर रही है लेकिन यदि आप अस्वस्थ हैं और कारगर इलाज नहीं मिल रहा है, तो आपको समय की नजाकत  तलाशकर ‘एसपी साहब’ से मिलना चाहिए. उन्होंने चाह लिया तो आपकी तबीयत का भी इलाज कर देगें. चौंकिए मत…क्योंकि ‘सशक्त समाज न्यूज’ यह सार्थकता पूर्ण पुष्टि प्राप्त खबरें जिम्मेदारी से आप पाठकगणों तक पहुंचा रहा है…….

गौरतलब है कि भदोही एसपी डा. अनिल कुमार के बारे में शायद कुछ ही भदोहीवासियों को पता हो कि वे नाम के नहीं बल्कि काम के वाकई में अनुभवी डाक्टर हैं. जगजाहिर है कि कोरोना संक्रमण की पिछली लहरों में जब हर योद्धा मुस्तैद थे, उसी में कुछ बिरले भी थे जो अपनी डियुटी के साथ अपने अनुभव के दम पर कोरोना वायरस के संक्रमण के खिलाफ दोहरी जंग लड़ रहे थे. जी हां…आइपीएस डॉक्टर अनिल कुमार ऐसे ही लोगों में शामिल रहें, जिसके कारण वो काफी चर्चा में रहे थे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान के भदोही एसपी उस दौरान कानपुर में एसपी पश्चिम पद पर तैनात थे, जहां उन दिनों उनकी पहचान डॉक्टर के तौर पर भी चर्चित रही है. एमबीबीएस होने की वजह से इन्होंने अनुभव का लाभ पुलिस के अलावा स्वास्थ्य विभाग को भी दिया था, जिसकी काफी सराहनीय चर्चा सुर्खियों के शीर्ष पर थी।

भदोही एसपी किए स्वास्थ्य चिंतन - भदोही जिले में चौकीदार (गोड़ईत) ठंड से नहीं पड़े बीमार, शायद इसीलिए समयानुसार कर दिए कंबल इलाज...

भदोही एसपी किए स्वास्थ्य चिंतन – भदोही जिले में चौकीदार (गोड़ईत) ठंड से नहीं पड़े बीमार, शायद इसीलिए समयानुसार कर दिए कंबल इलाज…

महकमे को दोहरे अनुभव का दिए थे लाभ, भदोही एसपी हैं आज…राजस्थान के झुंझनु जिला अंतर्गत अलसीसर निवासी डॉ. अनिल कुमार ने डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर से एमबीबीएस किया था. इसके बाद उन्होंने गुरु तेगबहादुर अस्पताल, नई दिल्ली में प्रैक्टिस भी की. इससे उन्हें मेडिकल क्षेत्र का अच्छा खासा अनुभव भी मिला. सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास होने के बाद वर्ष 2016 में वह पुलिस विभाग के साथ जुड़ गए. एमबीबीएस डॉक्टर होने की वजह से ही विभाग में उन्हें कोरोना विंग का प्रभारी भी बनाया गया था।

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