भदोही जनपद के तहसील ज्ञानपुर अंतर्गत अकोढ़ा ग्राम का प्रधान बनने के लिए होड़ सी मची है. मुंबई-दिल्ली ही नहीं बल्कि कलकत्ता-प्रयागराज से हूंकार भरी जा रही है. जहां प्रत्याशी परिवार के सदस्य वोट के जुआड़ में सबको बटोरने की कवायद में हैं, वहीं मतदाता भी चौरतफा उत्साह बढ़ा रहे हैं. इसी बीच अचानक तब चुनावी भगदड़ सी मच गई, जब बीडीसी स्वतंत्र मिश्र के नाम से चर्चित युवा को अधिकांश ग्रामवासियों ने समर्थन दे दिया, जिसके बाद वो भी चुनावी मैदान में कूद पड़े..✍️
गौरतलब है कि ज्ञानपुर तहसील अंतर्गत भदोही-प्रयागराज का मेल कराने वाले अकोढ़ा गांव की चुनावी फि़जा पर युवाओं की जोरदार हूंकार देखने को मिलती है. इस गांव की खास बात यह भी है कि हर प्रत्याशी और उनके समर्थक चाहते हैं कि सामनें वाला चुनावी मैदान से हट जाए लेकिन कोई प्रत्याशी खुद एक बार नये युवाओं को मौका, देने के लिए नहीं हटना चाहता है. कोई हार-हारकर जीत का अनुभवी है, तो कोई पुश्तैनी जीत व मतदाताओं का समर्थित. ऐसे में पाॅलटिकल पार्टी के पदाधिकारी भी खुद के सेवाभावी कार्यो से अभिभूत होकर मैदान में हैं. फिलहाल पिछली बार महिला सीट से जीत अपनी पारिवारिक झोली में समेटकर बीडीसी बतौर चर्चित हुए स्वतंत्र मिश्र (डब्बू) अब प्रधानी हेतु चुनावी मैदान में अचानक मतदाताओं के साथ गांव के अधिकांश बुजुर्गों का आशिर्वाद लेकर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि चूंकि महिला आरक्षित वार्ड है तो संभवत: इस युवा की सुशिक्षित पत्नी चुनावी मैदान में होगी. समर्थकों द्वारा जैसे-जैसे गांव में चौतरफा कटाऊट-बैनर के माध्यम से घोषणा की जा रही है, वैसे-वैसे मानिए चुनावी भगदड़ सी मचती जा रही है।
मजबूत रही है वोटबैंक की नींव – स्वतंत्र मिश्र (डब्बू) के दादा पं. लक्ष्मी नारायण मिश्र भूतपूर्व ग्राम प्रधान थे. जगजाहिर है कि तत्कालीन ग्राम बतौर उन्होंने सर्वजातिय बस्तियों में शांतिप्रिय विकास कार्य किया था व धार्मिक कार्यों के लिए जमीन आवंटन-पट्टा भी दिया था . दो दशक पूर्व ही अकोढ़ा गांव में स्वच्छता मिशन के तहत जहां शौचालय निर्माण कार्य की नींव रखी थी, वहीं पौधारोपण हेतु हजारों पौधे वितरित किए थे. अब भी जहां सैकड़ों पौधे चिन्हित हैं, जो ग्रामवासियों को वृक्ष बनकर मीठा फल और छांव दे रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने उनकी स्मृति में अपने द्वार शौचालय दुरूस्त रखा है।
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