जीवनभय के लिए मिलने वाली पुलिस की सुरक्षा को VIP कल्चर यूपी में समझा जाता है. इसमें भदोही भी पीछे नहीं है. फिलहाल खाकी वर्दीधारी ‘गनर’ के लिए भाजपा नेताओं को भी लखनऊ का चक्कर काटना पड़ रहा है. जबकि कुछ उच्च पकड़ वाले ‘भाजपा कार्यकर्ता’ पुलिस सुरक्षा ‘गनर’ साथ होने के बाद भी, हूटर बजवाते हुए सड़क-गलियों में नजर आ जाते हैं।
जगजाहिर है कि भदोही जिला में भी जीवनभय के नाम कुछ रसूखदार व राजनैतिक पकड़ वाले कुछ भाजपा कार्यकर्ता भी खाकी वर्दीधारी ‘गनर’ लेकर चल रहे हैं. जबकि कुछ भाजपा नेता जीवनभय बताकर बाडीगार्ड (गनर) के लिए लखनऊ की दौड़ लगा रहें हैं. फिलहाल वर्तमान सुरक्षा नियमावली चर्चा में आने से, अब सेटिंगबाज नेताओं का गनर शौक़ पूरा नहीं हो पा रहा है।

जिला व मंडल स्तर से सिर्फ 6 महीनें की सुरक्षा प्रदान की जा सकती है. इसके बाद भी जीवनभय नहीं हटा पाए, तो फिर आगे के लिए ‘सुरक्षा गनर’ हेतु लखनऊ गृह विभाग व पुलिस मुख्यालय के पास अधिकार समाहित हो जाता है. मुख्यतः इसी कारणवश भाजपा के कुछ दिग्गज नेताओं या मानिंदो को लखनऊ का चक्कर कांटना पड़ रहा है क्योंकि उन्होंने पहले से ही जिला व मंडल स्तरीय सुविधा का सदुपयोग कर लिया है।
भदोही जनपद में इन दिनों चर्चा यह तेज – भदोही जनपद में इन दिनों चर्चाएं तेज हो गई हैं कि जब जिला व मंडल स्तर से सिर्फ ६ महीनें ही पुलिस सुरक्षा गनर मिल सकता है, तो कुछ लोग वर्षों से ‘गनर’ लेकर कैसे चल रहे हैं, यह जिला या मंडल स्तर पर कुछ कागजी खेल हो रहा हो या कोई विधायक-सांसद लखनऊ सिफारिश करके अपने पारिवारिक सदस्य या करीबियों को सुरक्षा गनर दिलवा रहे हो लेकिन इतना तो तय है कि भाजपा के किसी समर्पित कार्यकर्ता के लिए कोई विधायक-सांसद लखनऊ छोड़िए, जिला कार्यालय पर भी सिफारिश नहीं करते हैं।
भाग 04 – पढ़िएगा..सुरक्षा गनर पर हावी राजनीति, साक्षी सुरक्षा कमेटी का आदेश भी दरकिनार.?
पढ़ते रहिए…Exclusive दस्तावेजी धारावाहिक “बाडीगार्ड” – सशक्त समाज न्यूज टीम के साथ प्रदीप दुबे (भदोही ब्यूरो) की रिपोर्ट…🖋



