थर्टीफस्ट की पार्टी की में मदहोश रहने वाले युवाओं को धर्म-संस्कृति से संस्कारित करने में मुंबई के प्रवेश द्वार कल्याण का यह आयोजन रामबाण सिद्ध हुआ, जिसमें धीरे-धीरे अब हजारों लोग उपस्थित रहकर मानस संगम करते हुए महाप्रसाद भंडारा में सहभागी होते हैं।
जगजाहिर है कि एक दशक पूर्व थर्टीफस्ट की पार्टी का प्रचलन मुंबई शहर में उफान पर था. उन दिनों देर रात नहीं बल्कि तड़के सुबह तक युवाओं की टोली सड़को से झूमते-झामते घर लौटती नजर आती थी, जिसमें अधिकांश शराब सहित विभिन्न तरह के नशे में मदमस्त होते थे. यह पतन देखकर सभ्य व धार्मिक समाज के लोग बहुत आहत होते थे. फिर चंद युवाओं ने समाज के श्रेष्ठ महानुभावों से सुझाव लिया और शुरू कर दिया ‘धार्मिक संजीवनी’ आयोजन, जो अब हजारों धार्मिक व सभ्य समाज के लोगों का कारवां बन चुका है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कल्याण (पूर्व) के कोलसेवाड़ी स्थित “काली माता मंदिर” प्रांगण में ‘श्री लक्ष्मीनारायण फाउंडेशन’ द्वारा ‘श्रीराम चरित मानस पाठ’ का आयोजन सुनिश्चित है, जिसका शुभारंभ 31 दिसंबर को होगा. नववर्ष 1 जनवरी को पूर्णाहुति ‘महाप्रसाद भंडारा’ भी सकल्पित है।

आयोजन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद मिश्र बताते हैं कि “यह आयोजन थर्टीफस्ट की विदेशी मदहोश नीति से जकड़े युवाओं को संस्कारित करने व क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर वर्ष आयोजित किया जाता है. उन्होंने आगे बताया कि इस आयोजन में जय प्रकाश शुक्ला, सुनील मिश्रा, अरविंद मिश्रा, और बिपिन शुक्ला का विशेष योगदान रहता है।”
इस वर्ष आयोजन में नागेंद्र मिश्रा, गुड्डू मिश्रा, प्रभाकर गुप्ता, विनय उपाध्याय, देवनाथ सिंह, विजय सिंह, माधव सिंह, अरुण दुबे, आनंद तिवारी, शशिकांत तिवारी, और शुभम मिश्रा,रोहित शुक्ला, संदीप तिवारी भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे इस पावन अवसर पर सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करें और महाप्रसाद का आनंद लें।



