मैहर धाम में ‘भजन-कीर्तन’ बंद.!! इस ‘एसडीएम’ को नहीं है ‘अधिनियम’ ज्ञान.!!

मां शारदा के भक्तगणों द्वारा मैहर धाम में लाखों-करोड़ों समर्पित किया जाता है, जिससे मध्य प्रदेश सरकार की कई व्यवस्था भी संचालित होती है. फिर भी मैहर धाम में आस्था-भक्ति के लिए दूर-दराज से पहूंचने वाले भक्तगण आहत हो रहे हैं क्योंकि वर्तमान मैहर एसडीएम दिन-दहाड़े भजन-कीर्तन रोकने दौड़ रहा है. वह भी ऐसा एसडीएम, जिस पर ठेकेदारों से मिलीभगत करके मरम्मत कार्य व विभिन्न मुहिम में कमीशनखोरीं के आरोप लगते रहे हैं।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार ने ‘ध्वनि प्रदूषण’ रोकने हेतु नियम को लागू कर दिया है, जोकि कई राज्यों में वर्षों पहले से लागू है. लेकिन यहां चर्चा विशेष हो रही है क्योंकि दिन-दहाड़े वर्तमान ‘एसडीएम’ भजन-कीर्तन बंद करवाने चल पड़ा है, जबकि ऐसा इस अधिनियम में कहीं नहीं लिखा गया है कि भजन-कीर्तन पर दिन में मध्यम ध्वनि पर भी रोक लगा दिया जाय. मुख्य आयोजक ‘हनुमानजी महराज’ के नेतृत्व वर्षों से मैहर धाम यात्रा – 2023 आयोजित किया जा रहा है, जहां सुंदरकांड पाठ व मैया के चरणागत ‘जागरण’ में दूर-दराज के कलाकार आकर अर्जी लगाते हैं और इसकी सूचना शासन-प्रशासन को 4 महीनें पूर्व से ही निरंतर दी जाती है. इससे पूर्व कभी कोई व्यवधान नहीं आया बल्कि डीएम-एसपी व स्थानीय विधायक उपस्थित रहकर ऐसी यात्राओं में सहयोग करते रहे लेकिन इस बार स्थानीय एसडीएम सुरेश जादव ने स्वयं उपस्थित होकर आयोजक सदस्यों को धमकियां देते हुए बदतमीजी की. इतना ही नहीं बल्कि दिन में मानक ध्वनि पर भजन-कीर्तन आयोजन में रोड़ा डाला. ऐसी जानकारी देते हुए अयोध्या से मैहर धाम सपरिवार पहूंचे ‘आयोजक’ राष्ट्रीय कवि देवराज मिश्र ने बताया कि दूर-दराज से हमेशा की तरह पहूंचे मैया भक्तगणों के साथ संगीतकार व गायकों ने कड़े शब्दों में निंदा की है. सवाल उठ रहा है कि एसडीएम को ‘अधिनियम’ का ज्ञान नहीं है या स्थानीय धर्मशाला सहित विभिन्न व्यवस्थापन को सुधारने के लिए ठेकेदारों से की गई कमीशनखोरी व दुर्व्यवस्था से ध्यान हटाने के लिए ऐसा किया गया.? 23 दिसंबर को ‘सुंदरकांड पाठ’ बंद करवाने पहूंचे एसडीएम के घमंडीपन की पोल खुलते 300 से ज्यादा मैया भक्तजनों ने सुना व देखा, जब 24 तारीख को दिनभर स्थानीय स्तर पर लगा लाऊड स्पीकर बज रहा था. कई मैया भक्तगणों ने एसडीएम को उनके मोबाइल नं. 9893504461 पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।

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