उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से विधायक विजय मिश्रा ‘गुंडा एक्ट’ मामले में सोमवार को मीडिया से रूबरू हुए, जहां उनकी पीड़ा छलक उठी। आखिरकार यह भी पूछने पर मजबूर हो गए कि क्या मैं देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त हूं, जो हमारा फोन टैपिंग करवाया जा रहा है।
स्थानीय मीडिया के समक्ष विजय मिश्रा ने कहा कि डर के मारे बेटे-बहू घर छोड़कर चले गए हैं। कोई मेरा फोन नहीं उठा रहा है। हमारी गायों को आज खली और केला नहीं मिल पाया। दुकानदार मेरा फोन नहीं उठा रहा है। ऐसी पीड़ा बयां करते हुए उन्होंने विपक्षियों सहित बसपाई प्रवृत्ति के पूर्व मंत्री के इशारे पर ऑडियो वायरल होने के मामले में पुलिस पर फोन टेप कराने का आरोप लगाया है। इतना तक पूछ बैठे कि क्या मैं देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त हूं, जो मेरा फोन टेप कराया जा रहा है। गुंडा एक्ट की कार्रवाई के बाद जिला पंचायत सभागार में प्रेस कांफ्रेंस कर उन्होंने आगे खुलासा किया कि आगे पंचायत चुनाव है, इसलिए यह साजिश रची जा रही है। इसमें पुलिस के साथ मिलकर विरोधी साजिश कर रहे हैं। इससे पहले भी कई ऑडियो वायरल हुए, जिनमें शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के अलावा जिले के आला अधिकारियों को भी गालियां दी गईं, लेकिन पुलिस ने किसी का संज्ञान नहीं लिया। इसमें न जाने कितने पुराने ऑडियो के मामले में बिना किसी शिकायत के पुलिस ने इतनी सक्रियता दिखाई कि आश्चर्य हो रहा है।
सरकार का यह काम नहीं. ..- सरकार समर्थित निषाद पार्टी से जुड़े होने और सदैव भाजपा का समर्थन करने के कारण उन्होंने स्पष्ट किया कि यह द्वैषात्मक कार्य सरकार के इशारे पर नहीं हो रहा है बल्कि कुछ बसपाई प्रवृत्ति के नेताओं की साजिश है और इस संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व गृह मंत्री से मुलाकात करने के बाद बेहतर जानकारी जनता के समक्ष रखेंगे।



