मुंबई ठप्प होते ही यूपी-बिहार में हाय-तौबा की स्थिति उत्पन्न हो गई। 31 मार्च तक हुई बंदी को देखते हुये मजदूर ही नहीं बल्कि विभिन्न वर्ग की कंपनियों में काम करने वाले भी अचानक यूपी-बिहार की ट्रेन पर सवार होनें लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंच गये। पिछले सप्ताह में हजारों की संख्या में लोग यूपी-बिहार रवाना हुये। गुरूवार व शुक्रवार को एलटीटी स्टेशन पर जहां भगदड़ मची, वहीं कुछ अतिरिक्त ट्रेन भी रवाना की गई। यह खबर जैसे ही न्यूज चैनलों पर चली, वैसे ही ‘कोरोना’ को लेकर यूपी-बिहार की सरकार का हाथ-पांव फूलने लगा। फिलहाल मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का चक्काजाम होने से ‘कोरोना’ के संकट का बोझ यूपी-बिहार तक नहीं पहुंच पायेगा।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए भारतीय रेल ने 22 मार्च (रविवार) को बड़ा फैसला लिया. इंडियन रेलवे ने 31 मार्च तक सभी यात्री ट्रेनों का परिचालन बंद करने का फैसला किया है. रेलवे ने बताया है कि सभी लंबी दूरी की ट्रेनें, एक्सप्रेस और इंटरसिटी ट्रेन (प्रीमियम ट्रेन भी शामिल) का परिचालन 31 मार्च की रात 12 बजे तक बंद रहेगा. कोरोना के खतरे को देखते हुए रेलवे ने 31 मार्च तक पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन भी बंद कर दिया है. रेलवे ने कहा है कि देश भर में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई जारी रखने के लिए मालगाड़ियां चलती रहेंगी.
टिकट का पूरा रिफंड – रेल यात्रियों को राहत देते हुए रेलवे ने टिकट कैंसिल करवाने पर कोई चार्ज नहीं लेने का फैसला लिया है. रेलवे ने कहा है कि यात्रियों को टिकट का पूरा पैसा वापस किया जाएगा. रेलवे के मुताबिक इन टिकटों को कैंसिल करने के एवज में 21 जून तक पैसा लिया जा सकेगा. रेलवे ने कहा है कि यात्रियों को आसानी से पैसा वापस मिल सके इसके लिए पूरा इंतजाम किया जाएगा।
