राज्य में कोरोना के संदिग्ध रोगियों का स्वास्थ्य स्थिर है और उन्हें निरीक्षण में रखा गया है। इस पार्श्वभूमि पर नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग सहित हवाई अड्डे, बंदरगाह, रेलवे आदि जगहों पर आवश्यक एहतियात बरती जा रही है। नागरिकों को सामूहिक कार्यक्रम में होनेवाली भीड़ में जाने से बचना चाहिए। स्कूल, महाविद्यालय सहित धार्मिक कार्यक्रमों के संबंध में नीतिगत निर्णय लेते समय, निजी अस्पतालों के विशेषज्ञों को इस संबंध में तत्काल सबसे अधिक अपनाई जानेवाली प्रक्रिया (एसओपी) अपनानी चाहिए, ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिए। इसके साथ ही लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी गांवों में ग्रामसभाएं आयोजित की जानी चाहिए, ऐसे भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। कोरोना के संबंध में चल रही उपाय योजना को लेकर कल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विधानभवन में बैठक बुलाई थी। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, खाद्य एवं औषधि मंत्री डॉ. राजेंद्र शिंगणे, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, राज्य मंत्री राजेंद्र पाटील, पूर्व मंत्री डॉ. दीपक सावंत, रेलवे, बंदरगाह, हवाई अड्डा प्राधिकरण, निजी अस्पतालों के विशेषज्ञ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यंत्री उद्धव ठाकरे और उपमुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे संभागीय आयुक्त, कलेक्टर के साथ बातचीत की और पुणे की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
पुणे के नायडू अस्पताल में मरीजों को अलग रखने की सुविधा है और अगर जरूरत पड़ी तो पिंपरी-चिंचवड में नए अस्पताल में भी रोगियों को अलग रखने की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने वहां पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर अजीत पवार ने उपचार के लिए सभी सामग्री उपलब्ध रखने और दैनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की बात कही।

