सहायक पुलिस आयुक्त सुहास पाटिल का कहना था कि पुलिस को सूचना मिलने के बाद तुरंत सीसीटीवी की मदद से रिक्शे का नंबर निकालकर रिक्शे के मालिक से बात की, जिसके बाद रिक्शे वाले ने बैग लाकर दहिसर पुलिस को वापस किया। वहीं, पीड़ित महिला अमेय अनिल टिकेकर ने कहा कि हमें उम्मीद नहीं थी कि हमारे जेवर का बैग वापस मिल जाएगा। लेकिन, दहिसर पुलिस की वजह से हमें सारा सामान मिल गया। दहिसर पुलिस को धन्यवाद करती हूं।
रिक्शा ड्राइवर नंदलाल पाल ने कहा कि मुझे पता नहीं था कि मेरे रिक्शे में बैग छूटा है। 4 पैसेंजर को छोड़ने के बाद पुलिस से सूचना मिली कि मेरे रिक्शे में बैग है। इस पर मैंने दहिसर पुलिस को बैग लाकर वापस दिया, जिससे पुलिस ने हमें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
