गांव-समाज के मिट्टी की महक मायानगरी (मुंबई) में भी आती है लेकिन जब उक्त मिट्टी के संस्कार ने नाता जोड़ा जाय। ब्राह्मण समाज के अधिकांशतः पारंपरिक मंच सिर्फ ढ़ोल-मजीरे के दम पर मिलन समारोह तक सीमित नजर आते हैं। ऐसे में आंतरिक समस्याओं का ‘नासूर’ हृदयतल कौंधना लाजमीं है। शायद यही भान हुआ कुछ वर्षों पूर्व पुर्वांचली धरती के एक धैर्यवान मुंबईवासी युवा संतोष पांडेय को। व्यवसायिक प्रतिष्ठान की सफलता से रोजगार मुहैया करवाने महारत हांसिल करने के बाद ब्राह्मणकुल कर्ज भी चुकाने यह युवा निकल पड़ा। ऐसे में मुंबई की सामाजिक गलियों में खट्टे-मीठे अनुभव के साथ आखिरकार प्रतापगढ़ के अवधान पुर गांव की मिट्टी में जन्में युवा ब्राह्मण ने एक कारवां खड़ा कर दिया, जिसे ‘परमार्थ ट्रस्ट’ नामीं ‘जूगनू’ कह सकते हैं। अब कई जटिल समस्याओं पर मंथन-मंत्रणा ब्राह्मण समाज स्वयं कर रहा है।
गौरतलब है कि वर-वधू सूचक सेवा-सम्मेलन से शुरू हुआ आयोजन अब महिला सशक्तिकरण के साथ कारवां स्वरूप समक्ष है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ऐसी झलक गत् दिनों मुंबई उपनगर के जोगेश्वरी (पूर्व) में संपन्न हुये आयोजन में नजर आई। जहां पूर्व मंत्री चंद्रकांत त्रिपाठी ने दहेज प्रथा रूपी ‘नासूर’ पर ब्राह्मण समाज को आत्ममंथन करने हेतु आवाज उठाया, वहीं कुछ विशिष्ट ब्राह्मण पुरोधाओं ने रीति-रिवाज में संशोधन करने के लिये मंत्रणा किया। उत्तर प्रदेश के काशी-प्रयाग से अहमदाबाद तक के विशिष्ट ब्राह्मणों की उपस्थिति से यह स्पष्ट है कि एक ‘जूगनू’ ने कमाल कर दिया और ब्राह्मण समाज एक गैर राजनीतिक मंच पर आत्ममंथन व मंत्रणा कर रहा है। ‘परमार्थ ट्रस्ट’ के बैनर तले जोगेश्वरी में हुये आयोजन के सफल कारवां में एडवोकेट बद्री प्रसाद पाण्डेय, सन्तोष राजाराम पाण्डेय, प्रदीप दुबे, संदीप शुक्ल दुर्गेश पाण्डेय, लक्ष्मण द्विवेदी, विमल तिवारी, महेंद्र उपाध्याय, रामनारायण पाण्डेय, विजय पाण्डेय, राकेश मिश्रा(CA), स्वामी हरिदास महराज, नीरज तिवारी, दिल्ली से पवन मिश्रा, सुरत शहर से राजेश तिवारी, अहमदाबाद नागेन्द्र पारस नाथ मिश्र, राजीव मिश्रा, अनिल पाठक, सच्चीदानंद तिवारी, भीलाई अनंत मोहन शुक्ल, प्रमोद पांडे (चेंबूर), अवधेश तिवारी, प्रकाश चन्द्र मिश्रा, अमित त्रिपाठी, डॉ रमाकांत क्षितिज, अजय पांडे सहित सैकड़ो की सेवाभावी उपस्थिति रही।
हम किसी से कम नहीं….ब्राह्मण समाज के ‘परमार्थ’ कार्य में महिला सशक्तिकरण का दर्पण करवाते हुये सैकड़ो महिलाओं के साथ मंजू तिवारी, रेखा चौबे, मीना शर्मा, उषा तिवारी, सीमा तिवारी, मनोज मिश्रा, संजय पाठक, चंद्रभूषण पांडे, मनीषा रमेश उपाध्याय की विशेष सेवाभावी उपस्थिति रही।
