सशक्त राजनीतिक टिप्पणी करना हो तो फिल्मी तेवर नहीं बल्कि रियलिटी में भी सफल फिल्म अभिनेता सिर्फ नाना पाटेकर ही हैं, जिनका राज्य के मुख्यमंत्री, शिवसेना, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार , मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे सहित कई उच्च भाजपाई नेताओं के साथ बेहतर सम्बन्ध रहा है। ऐसे यदि वर्तमान में भाजपाई राजनीति के चाणक्य से बंद कमरे में गुफ्तगू हो तो समझिये कि मामला कुछ पेचिदा ही है। ऐसे में महाराष्ट्र की धरती के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर राजनीति में पारी का कयास लगना लाजिमी है। नाना पाटेकर ने बुधवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात किया। दोनों के बीच बंद कमरे में लगभग आधे घंटे तक चर्चा किया।
विदेशी फंड प्रमाण पत्र सिर्फ बहाना… नाना और अमित शाह के मुलाकात से राजनीतिक गलियारे में चर्चा शुरू हो गई है लेकिन नाना महाराष्ट्र में ‘सामाजिक संस्था’ चलाते हैं। इस संस्था माध्यम से नाना कई सामाजिक कार्य करते रहे हैं। उनके कदम को कई अभिनेता भी सराहनीय मानते हैं। ऐसे में उन्होंने भी मीडिया को बोल दिया कि संस्था के विदेशी फंड लेने हेतु देश नीति से प्रमाणपत्र एवम् चर्चा करने आये थे।
