सुनील तिवारी..✒️
लखनऊ – बेटियों के हित की रक्षा के लिये राज्य के मुखिया योगी आदित्यनाथ कई योजनाएं चला रहे हैं लेकिन अपहरण या गुमशुदगी के मामलों में हाईटेक यूपी पुलिस फिसड्डी साबित हो रही है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला यूपी के फतेहपुर जनपद से सामने आया है। जहां नाबालिक बेटी के परिवार की कराह से सना खत योगी-मोदी के दरबार दस्तक दे रहा है। खैर…फतेहपुर जनपद पुलिस द्वारा डेढ़ साल से सिर्फ कागजी कार्यवाही एवम् आश्वासन की चिट्ठी पीड़ित परिवार सहित उच्च शासनिक-प्रशासनिक अधिकारियों तक भेजकर इतिश्री कर लिया जा रहा है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद अंतर्गत कल्याणपुर थाना में १८ जनवरी २०१८ को एक पीड़ित परिवार ने मामला दर्ज कराया, जिसमें बताया कि १५ वर्षीय बेटी अपेक्षा (रूपांतरित नाम) विगत ५ जनवरी २०१८ से लापता अथवा अपहृत है। पुलिस ने भी मामला तो दर्ज किया लेकिन इस मामले में थानेदार बदलते रहें और आश्वासन की शिवाय कुछ नहीं मिला। पीड़ित परिवार के मुताबिक नाबालिक बेटी की तलाश हेतु पुलिस ने कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की है। विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवम् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय सहित डीएम-एसपी को खत भेजा गया लेकिन फतेहपुर जनपद पुलिस के पास आख्या-व्याख्या के नाम पर सिर्फ आश्वासन प्रतिक्रिया के कुछ नहीं है। यह अक्सर होता रहा है कि पुलिस सिर्फ एफआईआर दर्ज करके अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर लेती है। सवाल उठना लाजिमी है कि डेढ़ सालों में सिर्फ आश्वासन आख्या देते पुलिस अधिकारी क्या उनकी स्वयं की बेटी होती तो भी इसी तरह कार्य करते या पीड़ित परिवार का पीड़ात्मक दर्द उनकी समझ से परे है। अब देखना यह है कि इस मामले में राज्य के मुखिया योगी आदित्यनाथ के कार्यालयीन आदेश के बाद भी फतेहपुर जनपद पुलिस कुंभकर्णी नींद से जागती है या डेढ़ वर्षो की तरह अब भी सिर्फ खानापूर्ति में जुटी रहती है।


