प्रमोद कुमार:-कल्याण
कल्याण तहसील के कांबा -बाघेरपाडा स्थित आदिवासी किसानों की अज्ञानता का फायदा उठाकर उनकी सैकड़ों एकड़ खेती की जमीन व्यापारी बिल्डरों द्वारा बोगस (फर्जी) किसान होने का प्रमाणपत्र दाखिल कर हड़पने के मामले में परहित चेरीटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष द्वारा आदिवासियों को जमीन वापस दिलाने के लिए आवाज उठाने और संबधित वरिष्ठ अधिकारी-पदाधिकारियों के साथ आयोग से अपील करने पर इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जमाती (एससी-एसटी) आयोग ने इस मामले को गंभीरत से लेते हुए महाराष्ट्र राज्य के पुलिस महासंचालक,राजस्व विभाग के सचिव राजस्थान सिरोही जिला के जिलाधिकारी के साथ ही ठाणे जिला के जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवाजी राठौर को राष्ट्रीय आयोग ने संमन जारी किया है जिससे उक्त विभागों में खलबली मच गई है।
विश्व मानव कल्याण परिषद के राष्ट्रीय महासचिव रामजी महेश्वरी ने रविवार को एक पत्रकार परिषद के दौरान जानकारी देते हुए पत्रकारों को बताया कि कल्याण तहसील के कांबा -वाघेर पाडा में सर्वे नंबर 47/1,47/2,108/3और 121/1 आदि जमीन को व्यापारी,बिल्डर प्रकाश बुधरानी,निशा बुधरानी,शीतल बुधरानी,गिरीश बुधरानी,विशाल बुधरानी,ने राजस्थान के शिवगंज शिरोही जिला के गांव मनाधर से किसान होने का बोगस (फर्जी) प्रमाणपत्र दाखिल कर आदिवासियों की जमीन खरीदी की इसके खिलाफ शिकायत कर यह फेरफार पंजीकरण किया,यह मामला कल्याण कोर्ट में जाने पर तहसीलदार ने इस मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी को भेज दिया,इसी दौरान 2013 में प्रकाश बुधरानी के साथ ही शांतिलाल पोरिया, अश्वनीकुमार शाह और जमीन मालिक विष्णु फड़के के वारिस के खिलाफ अक्ट्रॉसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया साथ ही उक्त सर्वे नंबरों का फेरफार रोक दिया यह मामला न्यायप्रविष्ट होते हुए भी प्रकाश बुधरानी ने सर्वे नंबर 108/3, 120/1, 121/1 जमीन योगेश नारायण को बिक्री कर दी,इस प्रकरण में भी अपील दाखिल की गई,और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त करते हुए दिशाभूल करने का आरोप लगा, आदिवासियों को न्याय दिलाने परिहित चेरीटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष विशाल गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों के साथ ही विधयाक,सांसद, मंत्री,मुख्यमंत्री,प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के दरबार मे भी गुहार लगाई मगर न्याय नही मिला, इसके बाद उन्होंने अनुसूचित जाति-जमाती (एससी,एसटी आयोग) राष्ट्रीय आयोग नई दिल्ली के यहां अपील की जिस पर सुनवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक के प्रतिनिधि उपविभागीय पुलिस अधिकारी मोरे,जिलाधिकारी के प्रतिनिधि प्रांत अधिकारी प्रसाद उकिरडे उपस्थित रहे और तीन सदस्यी कमेटी जांच को बनाई गई,जिसमें जमीन की सीडी देने के मामले में चर्चित उल्हासनगर के प्रांत अधिकारी गिरासे का नाम होने पर उनका विरोध किया गया,यह मामला न्यायप्रविष्ट होते हुए योगेश नारायण देशमुख ने यह जमीन गुणवंत प्रेमराज भंगाले,नरेश भाटिया और नोतदास तनवानी को बिक्री कर फेरफार पंजीकरण कर लिया और अनाधिकृत निर्माण शुरू कर दिया,इस मामले को गंभीर लेते हुए राष्ट्रीय आयोग ने एससी,एसटी द्वारा ठाणे के जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर और ठाणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवाजी राठौर को संमन भेज कर आयोग के समक्ष उपस्थित रहने का आदेश दिया है साथ ही महारष्ट्र के पुलिस महासंचालक और राजस्व विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं राजस्थान के शिवगंज सिरोही जिला के जिलाधिकारी आदि को भी नोटिस भेज कर जबाब मांगा है।


