प्रमोद कुमार..✒️कल्याण :-
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते भाव के विरोध में बुधवार को कांग्रेसियों द्वारा गांधीगिरी आंदोलन किया गया, जिसमें गांधीवादी नेताओं के लापता होने से सियासी चर्चायें तेज हो चुकी है। कांग्रेसी नेताओं की आपसी खींचतान एवम् गुटबाजी इसके पीछे मुख्य कारण बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि मुंबई के प्रवेशद्वार कल्याण शहर में कांग्रेस का जनधार बहुत मजबूत था लेकिन कांग्रेसी सत्ता के पतन के साथ ही सैकड़ों मायावी कांग्रेसी पदाधिकारियों ने भी जनाधार का ‘शीघ्रपतन’ करते हुये दल बदलने में महारत हासिल कर लिया। कल्याण शहर में सर्वाधिक आंदोलन विगत् कई वर्षों से नजर आ रहा है। इसी क्रम में बढ़ती महंगाई एवम् डीजल-पेट्रोल के विरोध में जिला कांग्रेस द्वारा आयोजित आंदोलन में कांग्रेसियों ने बुधवार को पेट्रोल पंपों पर जाकर गांधीगिरी स्टाईल में निषेध-निषेध के बैनर-पोस्टर सहित विरोध प्रदर्शन किया गया। यहां पेट्रोल भराने आये लोगो को गुलाब का फूल भेंट किया गया।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कल्याण पश्चिम में एक पेट्रोल पंप पर निषेध मोर्चा निकालकर कांग्रेसियों ने कमेंट किया और बढ़ती महंगाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कीमतों में कमी करने का तहसीलदार को
ज्ञापन दिया गया।
फिलहाल कल्याण शहर में इस कांग्रेसी ‘गांधीगिरी आंदोलन’ के बाद से सियासी चर्चा तेज हो गई है, जहां स्थानीय नेताओं में वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं अनुपस्थिति को लेकर चर्चा जारी है। मुंबई के एक वरिष्ठ पदाधिकारी कांग्रेसी नेता ने ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क से अनौपचारिक रूप से बातचीत में बताया कि कल्याण शहर के आंदोलनों की जानकारी मुख्यालय समयानुसार नहीं भेजा जाता है और सिर्फ चंद पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं की उपस्थिति के कारण स्थानीय वरिष्ठ नेता भी उपस्थित होना अपना अपमान समझते हैं।


