ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद कुमार..
नवी मुंबई : सिडको से मिलने वाले साढ़े बारह टक्का भूखंड का फर्जी अलॉटमेंट लेटर के मदद से भूखंड बेच कर बिल्डर के साथ लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है ।इस मामले में नवी मुंबई ईओडब्लू ने दो लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है ।जब की एक आरोपी फरार है। विशेष की गिरफ्तार आरोपी के पास से सिडको के ब्लैंक लेटर हेड बरामद किया है ।
गौरतलब है कि नवी मुंबई ईओडब्लू ने शेखर भालचंद्र तांडेल को गिरफ्तार किया है, जब की किरण गोवर्धन पाटिल फरार है। नेरुल में रहने वाले शिकायतकर्ता भवन निर्माता अब्दुल नईम रेहमान फतेहखान की पहचान 2009 में शेखर तांडेल और किरण पाटिल से हुआ था। शेखर और किरण का पार्टनशिप में जय माता दी इंटरप्राइजेज नाम से रियल इस्टेट का कारोबार है। इन दोनों ने 2011 में अब्दुल नईम को बताया की उन्होंने साढ़े बारह प्रतिशत भूखंड खरीदा है। उन्होंने अपने पास का सिडको का अलाटमेंट लेटर भी दिखाया। इन दोनों के बातों पर विश्वास करते हुए अब्दुल नईम ने नेरुल में क्रमशः 100 मीटर के दो भूखंड और एक 200 मीटर का भूखंड का सौदा 3 करोड़ 40 लाख रुपये में तय किया।इसमे से 1 करोड़ 90 लाख चेक के माध्यम से दिए। पैसा देने के बाद दोनों के साथ बकायदा अग्रीमेंट हुआ। इस के बाद अब्दुल नईम ने शेखर और किरण से भूखंड का कब्जा दिलाने का आग्रह किया। लेकिन दोनों टाल मटोल कर रहे थे। इसके बाद भवन निर्माता अब्दुल नईम ने जब भूखंड के असली मालिक से संपर्क किया तब उन्होंने बताया की शेखर और किरण के साथ कोई भी व्यवहार नही किया है, तब उन्हें जानकारी हुआ की उनके साथ ठगी हुआ है। उन्होंने 14 मार्च को एनआरआई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद मामले की जांच नवी मुंबई पुलिस के ईओडब्लू को दिया गया। ईओडब्लू ने जांच करते हुए मुख्य आरोपी शेखर तांडेल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से सिडको का ब्लैंक लेटर हेड का बंच बरामद किया गया है। कोर्ट में पेश किए जाने पर पुलिस रिमांड पर भेजा है। जांच टीम का दावा है कि कई सनसनीखेज तथ्य रिमांड में सामने आ सकता है।


