भदोही जनपद में किसानों की दुर्दशा देखते ही बन रही है। जहां एक ओर ट्रांसफार्मर की किल्लत से बिजली का हाल बेहाल है, वहीं दूसरी ओर धान की खेती को पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों के मौन का रहस्य भदोहीवासी पढ़ना व समझना चाहते हैं। गौरतलब है कि बिजली की चरमराती व्यवस्था ने किसानों की नींद तो हराम कर ही दिया है लेकिन विधायकगण कुंभकर्णी नींद से शायद जागनें को तैयार नहीं हैं। विभिन्न क्षेत्रों में महीनों -महीनों ट्रांसफर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, वहीं उपलब्ध हो रहा है तो अधिकांश ट्रांसफर चंद दिनों में पुन: सुलग जा रहे हैं। इसका मुल कारण पुराने ट्रांसफर की रिपेयरिंग तकनीक को बताया जा रहा है। भदोही, ज्ञानपुर व औराई विधायक इस समस्या से किसानों को त्वरित निजात नहीं दिलवा पाये तो इसका ठीकरा सत्तारूढ़ दल पर फूट सकता है। ज्ञानपुरिया विधायक विजय मिश्रा से ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क ने प्रतिक्रिया ली। इस दौरान उपरोक्त जनसमस्या पर वे सफाई देते हुए कहते हैं कि “इस संदर्भ में तत्काल प्रभाव से राज्य उर्जा मंत्री से पत्राचार किया जा चुका है, जिसमें 25, 63 व 100 केवीए के नये ट्रांसफार्मर भदोही जनपद को मुहैया करवाने का आग्रह किया गया है”।
विपक्ष को मिला झन्नाटेदार मुद्दा…
बिजली की दरों में 12 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी…सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक आयोग ने नियामक सरचार्ज (राज्य की वितरण कंपनियों के लिए 4 .28 प्रतिशत) समाप्त कर दिया है. इस हिसाब से घरेलू, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए दरों में बढ़ोतरी होगी. बताया जा रहा है कि नई बिजली दरें सरकार द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी करने की तारीख से लागू हो जाएंगी.
यहीं राज्य स्तरीय विपक्ष दल को मुद्दा उठाने का मौका मिल गया। ऐसे में तत्पर सुविधा तो उपभोक्ता अधिकार है…भदोही जनपद में तो कांग्रेसी उपाध्यक्ष राजेश दूबे की नजरें इस मुद्दे टिक चुकी हैं। जनसमस्या ट्रांसफार्मर है जिस पर भविष्यत किसानों द्वारा आंदोलन तय है। न्यूज ब्यूरो – विपुल पांडेय
