प्रतिबंधित है ‘जहर’ तो भी यहां ‘परदेशी’ बेच रहे हैं, जुर्माना 25 लाख तक

प्रमोद कुमार..✒️

कल्याण :- स्लो दुर्गति पाइजन यांनि गुटखा अधिकांश राज्यों में प्रतिबंधित है, जिसमें महाराष्ट्र राज्य सरकार ने यहां कठोर कार्रवाई का आदेश जारी कर रखा है। इसके बावजूद राज्य में गुटखा धड़ल्ले से बिक रहा है। स्टेशन से सटे इलाकों से लेकर आवासीय क्षेत्रों तक गुटखे की अवैध बिक्री बगैर रोक-टोक जारी है। दुकानदारों में बिक्री को लेकर रत्ती भर डर सत्ता शासन-प्रशासन का नहीं है। कोई भी जागरूक युवा खुद भी इसकी शिकायत कर सकते हैं। यहां स्थानीय क्षेत्र पर हमारी नज़र पड़ी कि कल्याण व डोम्बिवली स्टेशन के बाहर सब कुछ बिकता नजर आया। इतना ही नहीं बल्कि अधिकांश पान के दुकानदार कस्टमरों को खुश करने हेतु और दमदार आसान कमाई के लिए गुटखा के विभिन्न ब्रांड स्टेटस के हिसाब से बेचते हैं। डोम्बिवली स्टेशन से सटे इलाकों में गुटखे का बाजार हमेशा सजा रहता है। दिन हो या रात, कभी भी यहां आसानी से गुटखा खरीदा जा सकता है। डोम्बिवली पुर्व स्टेशन के बाहर फ्लाइओवर के नीचे एक ‘परदेशी’ श्याम यादव की दुकान पर भी गुटखे की बिक्री होती हैं। इतने से भी दिल नहीं भरता तो खुलेआमं दुकानों में लटकाकर भी बेचते है। ऐसे श्याम यादव (जिन्हें ‘परदेशी’ भी कहा जाता है।)
श्याम यादव जैसे हजारों दुकानदारों पर कार्रवाई इन दिनों मौन है। कल्याण-डोंबिवली से लेकर मुंबई तक फिर ‘कैंसर’ जैसी बीमारियां बेचने व खरीदने के साथ चबाने वाले गर्क की ओर बढ़ रहे हैं। यहां डोंबिवली व कल्याण में फ्लाइओवर के नीचे अवैध तरीके से दुकान लगाकर खुलेआम गुटखा बेचा जा रहा है, जहां आश्चर्य इस बात का है कि कल्याण-डोम्बिवली महानगरपालिका भी अबैध दुकान पर करवाई करने की बजाय देख भाल कर रही है। नियम के अनुसार एफडीए के ‘फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्ड’ ऐक्ट के अंतर्गत महाराष्ट्र में गुटखा, सुगंधित सुपारी और खैनी के उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध है। इसका उल्लंघन करने वाले को 6 महीने की सजा या अधिकतम 25 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है। राज्य में 2012 से गुटखा की बिक्री और उत्पादन पर रोक है। इसके बावजूद भी बिक्री जारी है। आपके आसपास के इलाकों में भी अगर गुटखे की बिक्री हो रही है, तो आप एफडीए के हेल्पलाइन नंबर पर इसकी शिकायत कर सकते हैं।

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