मुंबादेवी मंदिर में आम महोत्सव बैसाख पूर्णिमा पर माता का हुआ आम्रफल से श्रृंगार श्री मुंबादेवी मंदिर विश्वस्त निधि का आयोजन

मुंबई (सं.भा.) मुंबादेवी मंदिर विश्वस्त निधि द्वारा संचालित मुंबई की कुलदेवी मुंबादेवी मंदिर में बैसाख पूर्णिमा पर पहली बार आम महोत्सव का आयोजन किया गया. मुंबादेवी भक्त मंडल और मुंबादेवी व्यापारी मंडल के सहयोग से पूरे मंदिर को आमों से सजाया गया जिससे रसीले आमों की खुशबू से दिन भर पूरा मंदिर परिसर गुलजार रहा. मंदिर के सभी ट्रस्टियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. इसके निमित्त माता का विशेष पूजन करने के साथ कई धार्मिक अनुष्ठान किये गये. माता मुंबादेवी के इस स्वरूप का दर्शन करने के लिए दिन भर भक्तों की कतार लगी रही.

मंदिर प्रबंधन द्वारा हर वर्ष बैसाख पूर्णिमा पर माता का एक अलग अंदाज में पूजन करते हुए महोत्सव मनाया जाता है. इस पौराणिक समारोह में शामिल होने के लिए दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सपरिवार भाग लिया. मंदिर प्रबंधन समिति ने आम महोत्सव में जुटने वाली भक्तों की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए व्यापक पैमाने पर व्यवस्था की थी. रात से ही मंदिर के पुजारी और अन्य कर्मचारी मंदिर को आम से सजाने में लगे हुए थे. इसके तहत सुबह से ही मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया था. महोत्सव की शुरुआत सुबह माता मुंबादेवी की प्रथम आरती से की गयी. षोडशोपचार विधि से पूजन अभिषेक के बाद माता का श्रृंगार किया गया. अखंड ज्योत के साथ माता को छप्पन भोग प्रसाद अर्पित किया. इसमें मंदिर की ट्रस्टी नीना कपाड़िया के साथ सभी ट्रस्टी सपरिवार शामिल हुए.

5100 आमों से माता का श्रृंगार  

मुंबादेवी मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक हेमंत जाधव के अनुसार अच्छे प्रजाति के रसीले 5100 आमों से माता के गर्भगृह तथा आस पास का श्रृंगार किया गया. जबकि पूरे मंदिर में कई हजार आमों से सजावट की गयी. मंदिर के प्रत्येक हिस्सों में आम की सजावट विशेष तरीके से की गयी. आयोजन में ओम प्रकाश मिश्र, एकदंत वाजपेयी, विनोद मिश्र, सुषमा भास्कर, उमेश बजाज, नामेश खंडेलवाल, बेचनकुमार सोनी आदि ने सराहनीय सहयोग दिया.

सदियों पुराना मंदिर  

मुंबई की कुलदेवी के रूप में पूज्य मुंबा देवी माता का यह मंदिर 400 साल से अधिक प्राचीन है. इस मंदिर का वार्षिकोत्सव हर साल एक पर्व के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर विशेष पूजा हवन के साथ सत्यनारायण महापूजा आयोजित की जाती है. प्रतिदिन 25 हजार से अधिक भक्तों को दर्शन देने वाली माता का दर्शन पाने के लिए रविवार और त्योहारों में यह संख्या 50 हजार के पास पहुंच जाती है. नवरात्र में यह संख्या लाख तक होती है. 

Leave a Reply

Discover more from सशक्त समाज न्यूज़

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading