Headlines

भदोही प्रपंच (04) – सहा भी न जाय, कहा भी न जाय.! दिग्गज नेता मजबूर.?

भदोही लोकसभा सीट पर सियासी भूचाल आखिर आ ही गया. दिग्गज नेताओं को ऐसा झटका लगा कि मानिए..सहा भी न जाय, कहा भी न जाय. शायद आप ऐसी मजबूरी पहली बार देख रहें हो. खैर..राजनीतिक कशमकश देखें, तो अब भाजपा नेताओं व पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ताओं के पास राष्ट्रहित व देशहित का नारा लगाकर आत्मीय जख्म को भरनें के शिवाय कोई चारा नहीं है।
जगजाहिर है भदोही लोकसभा क्षेत्र में निरंतर पिछड़े वर्ग का वोट साधनें के लिए एनडीए पुरजोर रणनीति में रही है. ऐसे में केंद्रीय भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता कि स्थानीय भाजपाईयों की सियासी आत्मा दुख रही है या मरणासन्न पड़ रही है. फिलहाल कुछ दिग्गज नेताओं सहित १ दर्जन से ज्यादा भावी प्रत्याशियों की दिल्ली-लखनऊ डेराबाजी का भौकाल ऐसे फुस्स हो गया, जैसे
सजे दूल्हे की बरात में दूल्हा ही बदल दिया गया हो. दिग्गज नेताओं का कोपभवन पहुंचना भी लाजमी है क्योंकि हजारों समर्थक टिकट के साथ लौटने का बार्डर पर इंतजार सा कर रहे थे. सांसद डा. रमेश बिंद भले ही मिर्जापुर से आए थे लेकिन उन्होंने चुनाव के दौरान ही पांचो विधान सभा सीटों में आंतरिक पैठ बनाकर जीत का सेहरा पहना था. फिलहाल पंचवर्षीय कार्यकाल के बाद भी उन पर कोई गंभीर भ्रस्टाचार का ना आरोप था और ना ही उनके खिलाफ कोई जनाक्रोश. उनका टिकट भी कंफर्म मोड पर था और एकतरफा जीत की आशाएं भी, फिर भी उन्हें मौका नहीं मिला. दूसरी ओर पूर्व मंत्री मदनलाल बिंद सहित पिछड़े वर्ग के कुछ‌ नेता स्थानीय होने के नाते टिकट के लिए अपनें केंद्रीय आका नेताओं के आश्वासन से लबरेज थे लेकिन इनकी भी सियासी हंडी बीरबल की खिचड़ी साबित हुई, जोकि पकी ही नहीं. सवर्ण समाज के दिग्गज नेताओं में पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय स्थानीय स्तर पर परिपक्व राजनेता हैं, दूसरी तरफ पूर्व भदोही विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी भी केंद्रीय आदेश का इंतजार कर रहे थे लेकिन इनमें मुख्य रहे पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा, जिनका टिकट करीबन पक्का ही माना जा रहा था. दूसरी तरफ भाजपा के स्थानीय संगठन से पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष पांडेय, विनय श्रीवास्तव जैसे कई नेता भावी प्रत्याशी बनकर संगठन के प्रति‌ निष्ठावान होनें‌ की शाबाशी ‘टिकट स्वरूप’ मांग रहे थे. भाजपा की महिला‌ नेत्री सपना दूबे जैसी कई महिला नेता भी कतार में थी. खैर..आखिरी दौर में बलिया से टिकट कटने के बाद हवाओं ने रूख बदला कि भदोही लोकसभा के कद्दावर सांसद रहे दिग्गज भाजपा‌ नेता वीरेंद्र सिंह मस्त की भदोही वापसी हो सकती है लेकिन फिलहाल निषाद पार्टी का कोटा सीट बताकर भाजपा ने अपने सिंबल पर डा. विनोद बिंद को मैदान में उतार दिया है, जोकि मिर्जापुर के मझवा विधानसभा से विधायक भी हैं. ऐसे में भाजपा के कई भावी प्रत्याशियों को अघात लगना लाजमी है. अघात भी इतना गहरा है कि सहा भी न जाय, कहा भी न जाय. सच में यही मजबूरी है. ऐसी चर्चा भदोही लोकसभा की सियासी गलियों में चहूंओर है।

Leave a Reply

Discover more from सशक्त समाज न्यूज़

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading