आईआईए मुजफ्फरनगर चैप्टर द्वारा आईआईए के राष्ट्रीय महासचिव अश्वनी खण्डेलवाल के नेतृत्व में एवं पंकज अग्रवाल चैप्टर चेयरमैन की अध्यक्षता में एक प्रेस वार्ता का आयोजिन किया गया। प्रेस वार्ता का शुभारम्भ चैप्टर चेयरमैन पंकज अग्रवाल के द्वारा किया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में आईआईए के राष्ट्रीय महासचिव अश्वनी खण्डेलवाल ने कहा कि अभी हाल ही में कमिश्नर वाणिज्य कर विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा वार्षिक टर्न ओवर के आधार पर दस औद्योगिक इकाईयों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की तलाशी का जो आदेश आया है इसका आईआईए प्रदेश स्तर पर विरोध करती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पॉलिसी प्रधानमंत्री द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की भावी योजना। एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के एस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस के खिलाफ है। क्योकि विभाग की इस नयी पॉलिसी के कारण न तो बाहर के लोग यहां निवेश कर पायेंगे और स्थानीय उद्योग, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान भी बन्द हो जायेंगे क्योंकि इस नयी व्यवस्था में शोषण की प्रबल संभावना है। हम इसका विरोध करते है। चैप्टर चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के कारण पहले ही उद्योग अनेक समस्याओं से जूझ रहे है और इस समय जीएसटी विभाग द्वारा दस औद्योगिक इकाईयों,वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की तलाशी का यह आदेश पुरी तरह से उद्यमियों के खिलाफ है। उन्होने इस पर आई़आई़ए़ मु.नगर चैप्टर की ओर से विरोध जताते हुए इसे तत्काल वापिस लेने की मांग की ।
इस दौरान व्यापारी कुश पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रयासों से सारी व्यवस्था पारदर्शी व डिजिटल होने के बावजूद कर विभाग उद्यमियों, व्यापारियों पर विश्वास नहीं कर पा रहा है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। आज जबकि सभी मूवमेन्ट व डाटा ळैज् के पोर्टल पर उपलब्ध है तो विभाग द्वारा भौतिक निरीक्षण एक विपरीतगामी कदम है इस प्रकार यह कदम भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर की भावी अर्थव्यवस्था एवं भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने के प्रयासों में एक बडी बाधा बनकर उभरेगा अत: इसे तत्काल वापिस लिया जाये। इस दौरान मनीष जैन सचिव मु.नगर चैप्टर ने उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान अनुज स्वरूप बंसल, मनीष भाटिया, तरूण गुप्ता, पंकज जैन, अरविन्द मित्तल, प्रवीन गोयल, विपुल भटनागर, नईम चांद, धर्मेन्द्र वत्स आदि उपस्थित रहे।
