उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद में ‘कोरोना’ वायरस के संक्रमण की रोकथाम में शासनिक उदासीनता से कार्य योजना स्पीड स्लो नजर आ रही है। जहां सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मुंबई-दिल्ली जैसे अन्य शहरों से भदोही पहुंचे लोगों की शिनाख्त व स्वास्थ्य जांच की बात कही है, वहीं सेनेटाईजर छिड़काव सहित ‘लाॅक डाऊन’ में घर-घर सब्जी व दूध के साथ दवा पहुंचाने पर जोर दिया है। फिलहाल शासनिक उदासीनता का आरोप लगाकर क्षेत्र में भदोही जिलाधिकारी मुर्दाबाद का नारा गूंजने से अफरा-तफरी मची है।
गौरतलब है कि वायरस संक्रमण से बचाव को लेकर सांसद रमेश चंद्र बिंद ने 50 लाख रुपये तो विधायक रविद्रनाथ त्रिपाठी ने 10 लाख रुपये की धनराशि को कोरोना से बचाव की व्यवस्था के लिए अवमुक्त करने का प्रस्ताव शासन-प्रशासन को दिया है। सांसद ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि पूरा देश कोरोना वायरस के संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। इसके रोकथाम और बचाव के लिए मास्क, सैनिटाइजर, दवा व अन्य सामग्री वितरण किया जाय। दूसरी तरफ जहां पुलिस विभाग द्वारा ‘लाॅक डाऊन’ व धारा १४४ के तहत शांति व्यवस्था कायम करके क्षेत्रवासियों को घर में बैठा दिया गया है, वहीं विभिन्न शहरों से भदोही पहुंचने वालों की शिनाख्त के साथ स्वास्थ्य विभाग के सहयोग में भी पुलिस की स्पेशल टीम काम कर रही है। इसी दौरान जहां संक्रमण रोकने के लिये सेनेटाईजर छिड़काव व मास्क व अन्य जागरूकता मुहिम ग्रामीणों तक नहीं पहुंची है, वहीं बुधवार की शाम व्हाट्सएप पर एक विडियो भदोही जनपद ही नहीं बल्कि दूर-दराज शहरों तक वायरल होकर पहुंच गया है, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा लोग अन्य शहरों से भदोही पहुंचे लोगों की सुचना देने पर भी हिला-हवाली का आरोप लगाकर भदोही जिलाधिकारी मुर्दाबाद का नारा लगाते नजर आ रहे हैं। इसके बाद से ट्वीटर पर ट्वीट होकर उक्त विडियो लखनऊ-दिल्ली सत्ताशीर्ष की ओर कूच कर रहा है।
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