दिल को खटके,
जरा हटके…😜
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सुनिये गांव के परधान, करिये थोड़ा एहसानजी
लाखों लूट-खाके मौन, धरिये ‘कोरोना’ ध्यानजी
धरिये ‘कोरोना’ ध्यानजी, पुण्यार्थ कदम बढ़ाइये
सेनेटाईजर छिड़काव’ से, संक्रमण ब्रेक लगाइये
कहे ‘बहुरूपीय’ मौन, खीसनिपोर ज्ञान न धुनिये
‘ग्रामवासियों’ का ‘दर्द’, बहरानाथ अब तो सुनिये
एस. टी. ‘बहुरूपीय’ (९३२४००६२६९) आपका व्यंग्यकार,आपकी आवाज.
(स्तंभ वर्ष – १२) – पुस्तक प्रकाशन हेतु स्तंभ को ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क पर संकलित किया जा रहा है…


