सामाजिक-धार्मिक ‘पुरोधा’ ७५ वर्षीय रामचन्द्र पाण्डेय

जो ‘कर्मभूमि’ को धार्मिक-सांस्कृतिक ‘पारंपरिक’ आयोजन से सजाता हो, प्रभु की कथा से बुजुर्गों-युवाओं को धार्मिक-सांस्कृतिक मार्ग दिखाता हो. चलिए यूं कहिए कि सैकड़ों बुजुर्ग साथियों के साथ होली में युवाओं का रंगरसिया चाचा बन जाता हो, गांव की मिट्टी का रंग कर्मभूमि फगुनाहट में महॅकाता हो, वो सामाजिक सेवा में पीछे कैसे हट सकता है. खैर…पढ़िए क्योंकि आप सामाजिक-धार्मिक हैं, तो समझ गए होगें कि यह खबर ७५ वर्ष की उम्र में सामाजिक युवाओं के दिल की धड़कन कहे जाने वाले ‘पारंपरिक मुखिया’ रामचन्द्र पाण्डेय से जुड़ी है….
काशी-प्रयाग मध्य सरायममरेज क्षेत्र के जलालपुर में समाजसेवी रामचन्द्र पाण्डेय के पुश्तैनी निवासी (जन्मभूमि) पर अखंड रामायण और रूद्राभिषेक का अति दिव्य आयोजन संपन्न हुआ, जहां ठंडी की बयार मधूर-मधूर हिचकोले ले रही है. ऐसे में सेवा का मौका मिले, तो फिर कोई पुरोधा समाजसेवी कैसे पिछड़ सकता है. धार्मिक आयोजन समापन पर गरीबों को जहां कंबल का वितरण किया गया, वहीं आये हुए अतिथियों को भी अंगवस्त्रम समर्पित करके सम्मानित करने पारंपरिक प्रथा दर्पणमय दिखी।
कंबल वितरण कार्यक्रम में भदोही लोकसभा के सांसद रमेश चंद बिन्द ने भी जहां गरीबों को कंबल वितरण किया, वहीं जलालपुर में आयोजित अखंड रामायण में भदोही जनपद के ज्ञानपुर से विधायक विपुल दूबे भी शामिल हुए। समाजसेवी रामचन्द्र पाण्डेय ने कहा कि सामाजिक कार्य अधिकतर महाराष्ट्र के कल्याण में करता हूं. भगवान की कृपा से यह सब संभव होता चला आ रहा है। लोगों का सहयोग और गरीबों की मदद करना बड़े सौभाग्य की बात है और सभी को भी अपने हिसाब से लोगों की मदद करना चाहिए। आगे कहा कि महाराष्ट्र में भी बीते कई वर्षो से रामकथा का आयोजन, होली मिलन समारोह, कजरी महोत्सव, वृद्धाश्रम में सहयोग, समाजसेवा करने का सौभाग्य मिला और जब गृह जनपद प्रयागराज में आता हूं, तो भी प्रयास करता हूं कि लोगों का यथासंभव मदद कर सकूं. खैर..समाज में सेवा, सहयोग अपने योग्यता और क्षमता के हिसाब से करना चाहिए।
इस मौके पर समाजसेवी रामचन्द्र पाण्डेय, उत्तर भारतीय मोर्चा मोहने टिटवाला के भाजपा मंडल अध्यक्ष सूर्य प्रताप सिंह उर्फ बाबा, देवेन्द्र दूबे, घनश्याम पाण्डेय, अभयराज मिश्र, दीनानाथ पाण्डेय, सर्वेश दूबे, अनूप दूबे समेत तमाम क्षेत्र के संभ्रांत लोग मौजूद रहे।


