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इस गांव में है प्रधान ‘पति’ की सरकार – पंचायतघर मेंटनेंस, हैंडपंप मरम्मत व हुआ सिर्फ यह काम.!!

भदोही जनपद के ज्ञानपुर ब्लाक अंतर्गत पिलखुना गांव पिछले पंचवर्षीय में भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा में रहता था लेकिन अब सत्ताधीश पलट के बाद भी विकास कार्यों में काफी धीमी गति है. मुख्यतः यहां की ग्राम प्रधान अर्पणा मिश्रा हैं लेकिन गांव वाले बताते हैं कि ‘खद्दर टाईट’ करके उनके पति गांव की यह सरकार चला रहे हैं. आइए…’ग्राम मंथन’ के तहत करीबन साढ़े ३ लाख के विकास कार्यों की टटोलते हैं नब्ज….

गौरतलब है कि ‘सशक्त समाज न्यूज’ द्वारा ग्रामीण पाठकगणों की मांग पर विशेष रूप से ‘ग्राम मंथन’ धारावाहिक शुभारंभित है. पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए गांव-समाज के विकास कार्यों को टटोलनें व ग्रामीणों के समक्ष रखने का यह छोटा सा प्रयास है. इसी क्रम में ज्ञानपुर ब्लाक के पिलखुना गांव से जुड़े विकास कार्यों के कागजात को online टटोला गया. इस कागजात में दर्ज तथ्य के मुताबिक जुलाई में सामुदायिक शौचालय की देखरेख हेतु मैना के खाते में २७ हजार धनराशि भेजी गई है, वहीं सितंबर में हैंडपंप मरम्मत कार्य हेतु ‘जायसवाल टूब कंपनी’ को ३७ हजार ३८० रूपए का भुगतान हुआ है. इसी के ठीक बाद हैंडपंप के मरम्मत कार्य करने वालों के खाते में मजदूरी के तहत आशाराम के खाते में ६४००, दीनानाथ को ३२६४ व दिनेश कुमार के खाते में ३२६४ ट्रांसफर हुआ. खैर…अक्टूबर में थोड़ी तेजी दिखी जब ग्राम प्रधान अर्पणा मिश्रा के खाते में १४ हजार का मानदेय मिला. फिर ४५६७२ व २७९८२ रूपए आधुनिक बिल्डिंग मटेरियल के खाते में ग्राम पंचायत भवन में टाईल्स लगाकार दिया गया. इसी के साथ टाईल्स व पेंट के लिए १३३९३ माँ सरस्वती इंटरप्राइजेस को. नवंबर में इसी पंचायत भवन के मेंटनेंस कार्य के लिए जहां ५९८५ की ईंट खरीदी हुई, वहीं टाईल्स व वायरिंग, रंगाई-पुताई के नाम लवकुश को ४४८८, चंद्र भूषण को ४४८८,अर्जून प्रसाद को ४४८८, फुलचंद को ४४८८, आशाराम को ८८००, दिनेश कुमार ४४८८ रूपए मजदूरी का भुगतान हुआ।
फिलहाल दिसंबर ने फिर तेजी पकड़ा और इंटरलाकिंग से राजेश मिश्रा के घर तक खडंज्जा निर्माण करवाकर अभी तक ६१६५६ रूपए की सामग्री व मजदूरी का बिल पास करवा लिया गया है. उपरोक्त आंशिक जानकारी धनराशि निकासी के कागजात पर दर्ज नजर आएं. हांलाकि उपरोक्त आकड़ों को लेकर पिलखुना के प्रधान ‘पति’ विनोद मिश्रा के मोबाइल नंबर 9323250729 पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन सिर्फ घंटियां बजती रही और वे इस संदर्भ में बातचीत हेतु उपलब्ध नहीं हो सकें।

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