एक ऐसी ही चिकित्सक है विदूषी तिवारी, जो मूल रूप से वाराणसी (काशी) के सुन्दरपुर की निवासी हैं लेकिन इस समय प्रयागराज में स्थित यूपी के सुप्रसिद्ध अस्पतालों में शुमार स्वरूपरानी चिकित्सालय में कोविड रोगियों के लिए सहारा बनी हैं और दिन रात रोगियों के स्वास्थ्य में कैसे सुधार हो इस पर लगातार कार्य कर रही है। लोग डाॅ विदूषी तिवारी के कार्यों की काफी चर्चा कर रहे है। मालूम हो कि डाॅ विदूषी के पिता डाॅ जितेंद्र तिवारी गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर है। और विदूषी की एक बड़ी बहन डाक्टर शगुन तिवारी भी चिकित्सक हैं। डाॅ विदूषी के दादा स्व. देवदत्त तिवारी वाराणसी के डिप्टी मेयर भी रह चुके है। डाॅ विदूषी का परिवार शिक्षा और समाजसेवा से बहुत पहले से ही जुडा है जिसकी बदौलत डाॅ विदूषी और उनकी बड़ी बहन डाक्टर शगुन तिवारी चिकित्सा सेवा में अपना योगदान दे रही है।
डाॅ विदूषी की स्कूल तक की पढाई वाराणसी में स्थित सेन्ट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल में हुई। उसके बाद एमबीबीएस की पढाई लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कालेज से हुई। डाॅ विदूषी कालेज में सर्जरी विभाग में तीन वर्ष तक कार्य की फिर कोरोना काल में प्रयाजराज में ड्यूटी कर रही है। रोगियों से जब डाॅ विदूषी के बारे में पूछा गया तो रोगियों ने डाॅ विदूषी के कार्यों की सराहना की और बहुत ही अच्छा चिकित्सक बताया। आज डाॅ विदूषी के कार्यों को देखकर लगता है कि आज की बेटियां बेटों से कम नही है। ऐसे ही सभी बेटियों को पढ लिखकर अपने मां बाप का नाम रोशन करना चाहिए। जिससे देश में डाॅ विदूषी जैसे कई रत्न भारत मां की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहे।


