दीपोत्सव – मतिमंद जिंदगियों में, ऊँजाले की आस, पढ़िए…’संजीव’ का ‘संजीवनी’ प्रयास…

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कर्मभूमि मुंबई व उपनगर इलाकों में युवापन से ही कुछ ‘रौशन जज्बा’ लेकर चले ‘संजीव’ अब ‘संजीवनी’ प्रयास में भी सफलता पूर्वक कदम बढ़ा रहे हैं. सर्वोपरि ‘मानव सेवा’ पथ पर नए आयाम लिखते जा रहे हैं. इस दीपावली के दीपोत्सव में भले कोरोना संकट का पहर रहा, फिर भी बाल दिवस पर उभरी नई रोशनाई ने मिशन के विजन को स्थापित कर दिया…

गौरतलब है कि १४ नवंबर को बाल दिवस के अवसर पर अंबिका इंडस्ट्रीज दहिसर चेक नाका स्थित विजन वेलफेयर इंस्टीट्यूट संस्था द्वारा संचालित रेसीडेंशियल केयर होम फॉर ऑटिज्म का उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ, इस समारोह में ऑटिज्म केयर क्षेत्र से जुड़े हुए कई मान्यवरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. जिसमें संस्था के संस्थापक संजीव त्रिपाठी, प्रमुख प्रोत्साहक देवकीनंदन मेहराज, संस्था की मार्गदर्शिका श्रीमती शिवानी मोदगिल सहित शिक्षक और पालक गण का समावेश रहा. इस रेसीडेंशियल केयर होम के माध्यम से मुंबई व आसपास के क्षेत्र में रहने वाले ऑटिज्म बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए संस्था ने करीब २५ से ३० बच्चो के रहने की तथा करीब १०० बच्चो के प्रशिक्षण की सुविधा सुनिश्चित की है।

संस्थापक संजीव त्रिपाठी ने बताया कि इस केंद्र में वोकेशनल ट्रेनिंग, खेल, जिम, योगा, फंक्शनल ट्रेनिंग तथा बच्चे की आवश्यकता अनुसार अनेक प्रकार की थेरेपीज की सुविधा उपलब्ध है. विजन वेलफेयर इंस्टीट्यूट यह संस्था विगत् २० वर्षो से मतिमंद बच्चो के लिए घाटकोपर, बोरीवली, भांडुप में भी कार्यरत है, जहां आर्थिक रूप से असक्षम ऑटिज्म परिवार के बच्चों के लिए संस्था ने कई सराहनीय कार्य किए हैं।

संस्था ने इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले अनेक दूसरे संस्थानों व पालकों को समय-समय पर मार्गदर्शन भी करती रही है। बच्चो को सामाजिक समानता दिलाना और स्वावलंबन ही संस्था का मूल उद्देश्य है व इसी संकल्प को लेकर संस्था लगातार आगे बढ़ेगी। अंतत: संस्थापक संजीव त्रिपाठी ने उपस्थित सभी पालकों व मार्गदर्शकों का आभार बच्चों द्वारा बनाए दीवाली के दीपक उन्हें भेंट कर प्रकट किया।

पूर्ववत खबरें – कर्मभूमि – पूर्वजों को यू याद करता है त्रिपाठी परिवार, पढ़िये..मानवता दर्पण.!

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