मुंबई का प्रवेशद्वार कहे जाने वाला कल्याण-डोम्बिवली शहर निरंतर कोरोना का बिस्फोट झेल रहा है. फिलहाल प्रतिदिन जहां 500 के आगे-पीछे संक्रमितों की संख्या भटक रही है, वहीं 5 से 7 लोग कोरोना के मौतकाल में समां रहे हैं। संक्रमितों की बढ़ती संख्या के साथ मौत का मंजर देख शहरवासी भयभीत हो चले हैं।
गौरतलब है कि कल्याण-डोम्बिवली मनपा क्षेत्र की आबादी करीबन 17 लाख है, जिसमें 2-3 लाख से ज्यादा लोग गांव की तरफ पलायन करके अपनी जान बचाने के लिए रवाना हो चुके हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश-बिहार सहित अन्य राज्य के लोग ही नहीं शामिल हैं बल्कि महाराष्ट्र के लोग भी गांव को शहर की अपेक्षा सुरक्षित मानकर कदम बढ़ा रहे हैं। गुरुवार को भी शासकीय पुष्टि रिपोर्ट छलांग लगाती नजर आई, जिसमें 580 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि की गई। इससे ज्यादा भयावह स्थिति मौत के मंजर की है, जो आकड़ा विगत् कुछ दिनों से अडिग सा हो गया है। गुरुवार को भी 6 लोगों की मौत हो गयी, जिसके बाद मौत का आकड़ा 164 पहुंच गया। फिलहाल कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 10931 तक जा पहुची है। इनमें 5219 मरीजों का उपचार चल रहा है तो वही 5548 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं।

लाॅकडाऊन में शहर – कल्याण-डोम्बिवली शहर के बिगड़ते हालात को देखते हुए लाॅकडाऊन जारी है, जिसके कारण विभिन्न कंटेंनमेंट जोन ही सील नहीं हैं, बल्कि आवाजाही पर रोक लगाकर सड़कों को भी जाम कर दिया गया है। कुछ संक्रमितों की मानें तो अब अस्पतालों में बेड की भी किल्लत उत्पन्न हो चली है। फिर भी 5 हजार से ज्यादा मरीजों के इलाज की व्यवस्था एक साथ देख रहे शासनिक-प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी यह संघर्षपूर्ण क्षण है। फिलहाल अपने-अपने घरों में दुबके भयभीत शहरवासियों के सब्र का बांध टूट चुका है और बढ़ते आकड़े को देख समझ नहीं पा रहे हैं कि अब क्या करें।

