भदोही जनपद के विकास खण्ड डीघ में पंचायत नवधन की ग्राम प्रधान परिवार के जान पर खतरा मंडरा रहा है, जिसे लेकर ग्राम प्रधान मालती उपाध्याय ने जिला प्रशासन को लिखित रूप से जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की है। ऐसी नौबत बेलगाम भूमाफियाओं द्वारा किये जा रहे अतिक्रमण व राजस्व विभाग के संरक्षण से उत्पन्न हुई है। फिलहाल हाईकोर्ट में मुकदमा दर्ज होने के कारण आनन-फानन में राजस्व विभाग नींद से जागा है।
गौरतलब है कि जनपद के विकास खण्ड (डीघ) अंतर्गत ग्राम सभा की सार्वजनिक जमीनों पर जमकर भूमाफियाओं द्वारा जहां कब्जा करके अवैध निर्माण किया गया है, वहीं जीटी रोड के बगल नवधन गांव में अब भी राजस्व विभाग के संरक्षण में भूमाफिया बेलगाम हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक हाईकोर्ट में दायर मुकदमें के कारण ज्ञानपुर तहसीलदार देवेंद्र यादव के निर्देश पर बुधवार को राजस्व निरीक्षक राजेंद्र पटेल ने पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर ग्रामसभा की जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकवा दिया। चेतावनी दी गई कि यदि रोक के बाद भी निर्माण होता पाया गया तो कड़ी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित की जाएगी। पिछले दिनों नवधन ग्राम प्रधान मालती उपाध्याय ने इस प्रकरण को जिला प्रशासन तक पहुंचाया था, जिसके बाद भी राजस्व विभाग से मिलीभगत करके कच्चे-पक्के निर्माण, अस्पताल, पेट्रोल पंप, रिहायशी मकानों का निर्माण कार्य नहीं रूका। अतिक्रमण हटाने में विफल तहसील प्रशासन से इतर ग्राम प्रधान ने डीएम की अनुमति पर मामले को हाईकोर्ट पहुंचा दिया, जिसमें गत दिनों 80 लोगों को नोटिस जारी कर न्यायालय ने अपना पक्ष रखने कहा था। 17 फरवरी को हुई सुनवाई और पुन: ३ मार्च को पक्ष रखने के आदेश जारी है। हालाकि न्यायालय के आदेश के बाद भी अतिक्रमणकारियों ने अपनी सक्रियता जारी रखी है। मामला हाईकोर्ट में होने को लेकर तहसील प्रशासन ने दबे पांव अतिक्रमण को रोकवा तो दिया, लेकिन तरह-तरह के सवाल भी उठने शुरू हो गए हैं।
संदिग्ध भूमिका – राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा भू-माफियाओं को कब्जा निर्माण करने का पूरा समय दिया जा रहा है, जहां प्रधान के काफी प्रयास के बाद आनन-फानन में तहसीलदार के निर्देश पर कानूनगो व थानाध्यक्ष ऊंज ने कार्य पर रोकवा दिया लेकिन देखना है कि यह अवैध निर्माण कार्य रूका रहता है या नहीं..यही यक्ष प्रश्न स्थानीय लोगों के जहंन में है।
सहमा है ग्राम प्रधान परिवार – ग्राम प्रधान के परिवार को जान से मारने के साथ फर्जी मुकदमा में फंसाने की प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष धमकी भी दी जा रही है, जिससे प्रधान का परिवार डरा व सहमा है। जिला प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था की मांग प्रधान द्वारा की गई है।
