कांग्रेस से सोनिया गांधी ने आदित्य ठाकरे से निमंत्रण मिलने के बाद भी महाराष्ट्र मुख्यमंत्री के शपथ समारोह स्थल पर आने में असमर्थता दर्शा दी। मिडिया रिपोर्टस के मुताबिक इसके लिए उन्होंने खेद भी प्रकट किया है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष ने असमर्थता की वजह की कोई चर्चा नहीं की है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर उद्धव को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा है कि देश का राजनीतिक वातावरण जहरीला हो गया है। अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और किसान परेशान हैं। ऐसे में कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना ने साझा न्यूनतम कार्यक्रम तय किया है और उन्हें विश्वास है कि तीनों पार्टियां इस वादे को पूरी भावना के साथ कार्यान्वित करेंगी। सोनिया ने यह भी कहा है कि महाराष्ट्र की जनता गठबंधन से समावेशी, जवाबदेह और पारदर्शी शासन की उम्मीद करती है और हम सभी का सामूहिक प्रयास इसे पूरा करने पर केंद्रित होना चाहिए। इसी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उद्धव को शुभकामना भेजते हुए उनके मुख्यमंत्री के रुप में शपथ लेने को एक ऐतिहासिक कार्यक्रम बताया। वहीं राहुल गांधी ने भी शपथ में शामिल नहीं होने पर खेद जताते हुए उद्धव को नई सियासी जिम्मेदारी संभालने को लेकर शुभकामना पत्र भेजा।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने इसमें फडणवीस को शपथ दिलाए जाने के घटनाक्रम की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक उदाहरण है। उन्होंने इस बात पर खुशी भी जताई कि शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी के महाराष्ट्र विकास अघाड़ी ने साथ आकर लोकतंत्र को कुचलने के भाजपा के प्रयासों को परास्त कर दिया। उद्धव को लिखे इस पत्र में राहुल ने यह उम्मीद भी जताई है कि अघाड़ी एक स्थायी, धर्मनिरपेक्ष और गरीब हितैषी सरकार साबित होगी।


