विपुल पाण्डेय ..✒️
जी हा…आप सही पढ़ रहे हैं। भदोही जिले में छूट्टा पशुओं के लिये पर्याप्त जगह हैं लेकिन शायद अधिकांश पशुप्रेमी इस जानकारी से अंजान हैं। ‘शसक्त समाज’ की टीम के पास पुख्ता प्रमाण उपलब्ध है। एक ज्ञानपुरिया गांव के लोग तो २० बीघे की जमीन पर ‘पशु आश्रय केंद्र’ का इंतजार कर रहे हैं। फिर भी राज्य के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा अनुमोदित छूट्टा पशुओं हेतु करोड़ों रुपये की योजना यहां तक शासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा पा रहे हैं। छूट्टा पशुओं के लिये चरागाह….
‘शसक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क टीम ने जब पड़ताल की तो पता चला कि भदोही जनपद के ज्ञानपुर तहसील अंतर्गत सिर्फ सागरराय पुर गांव में ही 20बीघे जमीन ‘छूट्टा पशुओं के चारागाह’ हेतु उपलब्ध है, जिसका रकबा नम्बर 137 बताया जा रहा हैं। दानूपुर से बीराई मार्ग के समीप सागररायपुर गांव के उत्तरी छोर पर यह प्लाट मौजूद हैं। यहां के लोगों से पता चला कि इस जमींन के कुछ हिस्सों पर सर्वजातीय बिरादरी के लोगों द्वारा खेतीबाड़ी हेतु कब्जा है, जबकि अधिकांश हिस्सा खाली पड़ा है।
शासनिक योजनाकारों की उदासीनता...
आखिरकार जमीन खाली पड़ी है तो आसपास के किसान सदुपयोग तो करेगे ही लेकिन उनकी विशेष मांग पर भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा छुट्टा पशुओं जारी करोड़ों की योजना नहीं पहुंच रही है। यह भी कहा जा सकता है कि शासनिक योजनाकारों की उदासीनता साफ झलक रही है।
विधायक का प्रयास भी फेल.!
इस २० बीघा छूट्टा पशुओं के चरागाह को ‘पशु आश्रय केंद्र’ में तब्दील करवाने हेतु ज्ञानपुर के विधायक विजय मिश्रा भी पहले प्रयासरत रहे हैं। बताया जाता है कि जिला कार्ययोजना की बैठक सहित तत्कालीन जिलाधिकारी विशाख जी के समक्ष भी विधायक द्वारा यहां छूट्टा पशुओं के आश्रय केंद्र के लिये प्रस्ताव रखा गया था, जिस पर विशाख जी के जाते ही पुन: यह मुद्दा ठंडे बस्ते में चला गया। इस संदर्भ में विधायक विजय मिश्रा से संपर्क करके जानकारी लेने की कोशिश की गई लेकिन किसी कारणवश संपर्क नहीं हो पाया।
http://www.sashaktsamaaj.com/2019/08/06/1-69/


