प्रमोद कुमार एनसीपी नेता छगन भुजबल के शिवसेना में शामिल होने की चर्चा भी जोरों पर थी लेकिन एनसीपी नेता सचिन अहीर ने जैसे ही शिवसेना का दामन थामा महाराष्ट्र की राजनीति ने करवट बदल दिया। आखिरकार छगन भुजबल ने गुरुवार को ऐसी सभी अटकलों को विराम देते हुए कहा है कि वो किसी अन्य पार्टी में शामिल नहीं हो रहे।
गौरतलब है कि मुंबई एनसीपी अध्यक्ष रहे सचिन अहीर ने बुधवार की देर रात वर्ली में अपने समर्थकों के साथ बैठक की और फिर शिवसेना में शामिल होने का फैसला ले लिया। उनके शिवसेना में शामिल होने से आगामी विधानसभा चुनावों में मुंबई में शिवसेना की ताकत को बल मिलेगा। वहीं, एनसीपी इस बदलाव से काफी कमजोर हो सकती है। बता दें कि अहीर को रोकने के लिए एनसीपी ने खूब जोर आजमाइश की लेकिन सफलता शिवसेना को मिली। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने अहीर को रोकने की तमाम कोशिशें की लेकिन वो विफल रहे।
सचिन अहीर के शिवसेना में शामिल होने के समय शिवसेना अध्यक्ष उद्घव ठाकरे भी स्वयं मौजूद थे। बता दें कि सचिन अहीर साल 2015 से एनसीपी के मुंबई प्रमुख थे। उनके बीजेपी नेताओं से संपर्क की कई अफवाहें भी थीं। अंतत: शिवसेना में शामिल होने को लेकर एनसीपी के ही कई नेता हैरान हैं। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव इसी साल होने वाला हैं। माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे इस बार मुंबई की वर्ली सीट से चुनाव लड़ सकते हैं, जिस सीट से सचिन अहीर तीन बार विधायक रहे हैं।
एनसीपी नेता बनें शिवसेना शरणार्थी, छगन भुजबल भी कर सकते हैं घर वापसी.?


