बड़े-बड़े पंडा-पुजारी भी, नहीं जानते या फिर छिपाते हैं, माँ विंध्यवासिनी धाम से जुड़ा यह रहस्य.!!

देश के विभिन्न सुप्रसिद्ध देवस्थान इन दिनों भले सीसीटीवी से लैश हैं लेकिन शुरूआती दौर में इसकी उपयोगिता को लेकर विभिन्न चर्चाएं होती थी. शायद आपको जानकर हैरत होगी कि पंडा-पुजारियों के साथ शास्त्र मर्मज्ञों का एक तबका सदैव देवी-देवताओं के धाम को सीसीटीवी कैमरे से मुक्त रखने की हिमाकत करता था. धीरे-धीरे वक्त बदला…

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भदोही जनपद के इस गांव में, जानिए…’पुलिस’ ने क्यों बजवाया ‘डुगडुगी’…

भदोही जिले के सुरियावां ब्लॉक अंतर्गत महजूदा ग्राम पंचायत में एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक मेला लगता है, जोकि “कजरी” के नाम से जाना जाता है. फिलहाल यह मेला ‘डुगडुगी’ बजवाकर स्थानीय पुलिस विभाग ने स्थगित करवा दिया है। जगजाहिर है कि उत्तर प्रदेश व बिहार सहित विभिन्न राज्यों में डुगडुगी पिटवाना या पुलिस द्वारा मुनादी करवाना…

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अनेक ‘योगों’ के ‘योग’ से, ‘समृद्ध’ है ‘इस वर्ष रक्षाबंधन’, जानिए ‘शुभ मुहूर्त’ व पौराणिक तथ्य…

भारतीय परंपरा में भाई बहन के प्रेम के प्रतीक त्यौहार रक्षाबंधन को खासा महत्व दिया गया है। रेशमी धागे के बंधन को भाई की कलाई पर बांधकर जहाँ बहन अपने भाई के दीर्घायु होने की कामना करती है, वहीं भाई, बहन से रक्षा बंधवाकर उसकी रक्षा का भार अपने कंधों पर ले लेता है। सावन…

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काशी-प्रयाग मध्य – ‘कावरियों’ को ‘आश्रय’ देते रहे हैं ‘बाबा पाडंवानाथ नाथ’, अबकी नहीं गूंजेगा ‘बोल बम’.!!

प्रयागराज की ओर से चले कावरियों को ‘काशी विश्वनाथ बाबा’ के धाम पहुंचने से पहले काशी-प्रयाग मध्य में आश्रय लेना पड़ता रहा है, जो देते रहे हैं ‘बाबा पाडंवानाथ नाथ’ लेेकिन अबकी यहांं ऐतिहासिक ‘बोल बम’ नहीं गूंजेगा। गौरतलब है कि ‘काशी-प्रयाग मध्य’ में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित चकपडौना में एक ‘पांडव कालीन’ प्राचीन शिव…

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यहां ‘तेरही की पूड़ी’ पर ‘संकट’, भरोगे ‘जुर्माना’ या ‘जाओगे’ जेल.!!

उत्तर भारत में ‘तेरही की पूड़ी’ को शास्त्र एवम् पुराणों से जोड़कर देख जाता है लेकिन अब राजस्थान में मृत्युभोज का आयोजन करने पर एक साल की सजा और एक हजार रुपए का जुर्माना किया जाएगा। बताया जा रहा है कि कोरोनावायरस (Coronavirus) के मद्देनजर सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। हालांकि इससे जुड़ा…

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