पंडित अतुल शास्त्री

अनेक ‘योगों’ के ‘योग’ से, ‘समृद्ध’ है ‘इस वर्ष रक्षाबंधन’, जानिए ‘शुभ मुहूर्त’ व पौराणिक तथ्य…

भारतीय परंपरा में भाई बहन के प्रेम के प्रतीक त्यौहार रक्षाबंधन को खासा महत्व दिया गया है। रेशमी धागे के बंधन को भाई की कलाई पर बांधकर जहाँ बहन अपने भाई के दीर्घायु होने की कामना करती है, वहीं भाई, बहन से रक्षा बंधवाकर उसकी रक्षा का भार अपने कंधों पर ले लेता है। सावन…

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आइए जानतें हैं..कौन थे ‘जनमेजय’, क्यों उन्होंने ‘सांपों’ के ‘सम्पूर्ण विनाश’ की प्रतिज्ञा ली थी.?

महाभारत के युद्ध के बाद कुछ सालों तक पांडवों ने हस्तिनापुर पर राज किया। लेकिन जब वो राजपाट छोड़कर हिमालय जाने लगे तो राज का जिम्मा अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित को दे दिया। परीक्षित ने पांडवों की परंपरा को आगे बढ़ाया। यहां पर विधाता कोई और खेल, खेल रहा था। एक दिन मन उदास होने…

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